
ग्वालियर में जमीन खरीदने का सपना बना धोखा, 35 लाख लेकर जालसाज हुए फरार-ग्वालियर में जमीन खरीदने के नाम पर दो भाइयों के साथ बड़ा धोखा हुआ है। आरोप है कि चार लोगों ने खुद को जमीन के मालिक और उनके रिश्तेदार बताकर करोड़ों रुपये का फर्जी सौदा किया। आरोपियों ने कृषि भूमि बेचने का झांसा देकर 35 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब रजिस्ट्री कराने का समय आया तो वे सभी गायब हो गए। पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो बिना सावधानी के निवेश करते हैं।
कारोबार बढ़ाने की चाह में फंसे दो भाई-मुरार क्षेत्र की शिवहरे कॉलोनी के पियूष और योगेश शिवहरे इलेक्ट्रिक दोपहिया रिपेयरिंग सेंटर चलाते हैं। वे अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते थे। इसी दौरान जुलाई 2025 में उनकी मुलाकात विनोद सिंह गुर्जर से हुई, जिसने जमीन खरीदने की सलाह दी। विनोद ने उनकी मुलाकात जितेंद्र बघेल से कराई और जमीन दिखाकर सौदे की बातचीत शुरू की। आरोपियों ने ग्राम अड़ूपुरा जागीर की कृषि भूमि बेचने का दावा किया और धीरे-धीरे भाइयों का भरोसा जीत लिया।
टेकनपुर में हुई बैठक, 1.04 करोड़ रुपये में तय हुआ सौदा-नवंबर 2025 में टेकनपुर में एक बैठक हुई, जिसमें जितेंद्र बघेल, धर्मवीर बघेल, सतेंद्र तिवारी और गंगाराम गुर्जर मौजूद थे। आरोपियों ने दावा किया कि वे जमीन के असली मालिक या उनके रिश्तेदार हैं। करीब डेढ़ बीघा जमीन का सौदा 75 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से तय हुआ, कुल कीमत 1.04 करोड़ रुपये हुई। 12 नवंबर को बिक्री अनुबंध भी तैयार किया गया। दस्तावेज इतने व्यवस्थित थे कि पीड़ितों को शक नहीं हुआ।
35 लाख रुपये किस्तों में लिए, रजिस्ट्री के वक्त बंद हुए फोन-सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने एग्रीमेंट का हवाला देकर जनवरी से मार्च 2026 के बीच 35 लाख रुपये किस्तों में लिए। हर बार भरोसा दिया गया कि रजिस्ट्री समय पर हो जाएगी। लेकिन 8 अप्रैल को जब रजिस्ट्री कराने गए तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। संपर्क टूटने पर पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने खुद जांच शुरू की, जिसमें फर्जीवाड़ा सामने आया।
जांच में खुला राज, जमीन से कोई संबंध नहीं था आरोपियों का-जांच में पता चला कि आरोपियों का जमीन से कोई वास्ता नहीं था। उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाकर सौदा वैध दिखाने की कोशिश की। जमीन के स्वामित्व के कागजात में गड़बड़ियां थीं। आरोपियों ने झूठी जानकारी देकर लाखों रुपये हड़प लिए। यह खुलासा पीड़ितों के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि उनका निवेश उनके कारोबार के विस्तार के लिए था, जो अब नुकसान में बदल गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी-पीड़ितों ने थाटीपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जितेंद्र बघेल, धर्मवीर बघेल, सतेंद्र तिवारी और गंगाराम गुर्जर के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। जांच गंभीरता से चल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस आरोपियों को पकड़ने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।



