
बीजेपी में टिकट विवाद के बीच उमा भारती का अहम बयान-दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है, लेकिन पार्टी के अंदर इस फैसले को लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश दिया। उनका यह बयान सिर्फ शुभकामना नहीं, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
नरोत्तम मिश्रा के फैसले की उमा भारती ने की सराहना-उमा भारती ने अपने पोस्ट में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की खुले दिल से तारीफ की। उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने टिकट की घोषणा के बाद खुद आगे आकर आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होने की बात कही, जो उनके संगठन के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उमा ने इसे राजनीति में एक आदर्श उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे व्यवहार से पार्टी मजबूत होती है और कार्यकर्ताओं में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह बयान पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।
वृंदावन से दिया आशीर्वाद, आशुतोष तिवारी से हुई खास बातचीत-उमा भारती ने बताया कि वे वर्तमान में वृंदावन में धार्मिक प्रवास पर हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने उनसे फोन पर संपर्क किया और चुनाव जीतने का आशीर्वाद मांगा। उमा ने बिना किसी हिचक के उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। इस पहल को पार्टी के अंदर एकजुटता दिखाने वाला कदम माना जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद बढ़ गई है।
बीजेपी के लिए डैमेज कंट्रोल का मजबूत संदेश-दतिया उपचुनाव में टिकट को लेकर उठे विवाद के बाद यह सवाल उठने लगे थे कि नरोत्तम मिश्रा समर्थक किस तरह का रुख अपनाएंगे। लेकिन नरोत्तम मिश्रा के सहयोगात्मक बयान और उमा भारती के खुले समर्थन ने पार्टी के अंदर चल रहे असंतोष को काफी हद तक कम कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमा भारती का यह बयान चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।



