राम नवमी पर अयोध्या में भक्ति का सागर: सूर्य तिलक का अद्भुत आयोजन

राम नवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में एक अनोखा और भव्य आयोजन देखने को मिला। लाखों श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए पहुंचे और पूरा शहर भक्ति में डूबा नजर आया। इस खास दिन राम मंदिर में ‘सूर्य तिलक’ का भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली देखा और भगवान राम का आशीर्वाद मांगा।
सूर्य तिलक का दिव्य नजारा-दोपहर के शुभ ‘अभिजीत मुहूर्त’ में सूर्य की किरणों को रामलला के माथे पर सीधे पहुंचाया गया। यह रस्म करीब 9 मिनट तक चली और वहां मौजूद हर भक्त इस नजारे को देखकर भावुक हो उठा। इस अनोखे दृश्य ने पूरे माहौल को एक अलग ही पवित्रता और दिव्यता से भर दिया।
वैदिक विधि से संपन्न हुआ अनुष्ठान-
इस भव्य आयोजन को 14 पुजारियों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूरा किया। गर्भगृह में पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ पूजा हुई। सूर्य तिलक के बाद मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद किए गए और भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
दूसरा सूर्य तिलक समारोह-राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा मौका था जब सूर्य तिलक का आयोजन किया गया। मंदिर प्रशासन हर साल इस दिन इस आयोजन को और भी भव्य बनाने की तैयारी करता है ताकि श्रद्धालुओं को एक अनोखा और यादगार अनुभव मिल सके।
खास तकनीक से पहुंची सूर्य की किरणें-सूर्य तिलक के लिए एक विशेष व्यवस्था की गई थी, जिसमें 20 अष्टधातु के पाइप, चार लेंस और चार दर्पण लगाए गए थे। इस तकनीक की मदद से करीब 65 फीट ऊंचाई से सूर्य की किरणें सीधे भगवान के माथे तक पहुंचाई गईं। यह तकनीक और आस्था का एक अनोखा मेल था।
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया अनुभव-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खास पल को वर्चुअली देखा और सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देशभर के लोगों के लिए गर्व और आस्था का प्रतीक बन गया है। उन्होंने भगवान श्रीराम का आशीर्वाद सभी पर बनाए रखने की कामना की।
राम नवमी पर अयोध्या में इस भव्य और दिव्य आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं के दिलों को छुआ, बल्कि पूरे देश में आस्था और विश्वास को भी मजबूत किया। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी यादगार रहेगा और लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।



