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असम चुनाव 2026: जालुकबारी से हिमंता सरमा ने भरा पर्चा, “संस्था” वाले बयान से गरमाई सियासत

असम विधानसभा चुनाव 2026: हिमंता बिस्वा सरमा का जालुकबारी से सातवां चुनाव, मुकाबला हुआ और भी दिलचस्प-असम में विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राजनीति का माहौल गरमाता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। यह उनका इस सीट से लगातार छठा चुनाव है और कुल मिलाकर सातवीं बार वे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इस बार मुकाबला और भी ज्यादा रोचक होने वाला है।

रोड शो में दिखा जोश, परिवार का भी साथ-नामांकन से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में जोरदार रोड शो किया, जिसमें भारी संख्या में समर्थक शामिल हुए। सड़कों पर चुनावी रंग साफ नजर आया। इस दौरान उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा और बेटे नंदिल बिस्वा सरमा भी उनके साथ मौजूद थे। नामांकन के बाद उन्होंने भरोसा जताया कि उन्हें न केवल अपने क्षेत्र से बल्कि पूरे असम से भी मजबूत समर्थन मिलेगा।

“कांग्रेस ने मुझे संस्था बना दिया” बयान से बढ़ी चर्चा-नामांकन के बाद हिमंता सरमा का एक बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें “संस्था” मानती है, तो यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि किसी की तारीफ का सम्मान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ कांग्रेस नेता जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, जो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

हिंदू एकता और विकास को बनाया चुनावी एजेंडा-हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने चुनावी एजेंडे को स्पष्ट किया है। उनका मुख्य मकसद हिंदू समाज को एकजुट करना और असम की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के तेज विकास को भी अपनी प्राथमिकता बताया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को अपने “प्राकृतिक घर” यानी बीजेपी की ओर आना चाहिए।

बीजेपी और विपक्ष की रणनीति, मुकाबला हुआ कड़ा-बीजेपी ने असम चुनाव के लिए 88 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कांग्रेस से आए कुछ नेताओं को भी टिकट दिया है, जिससे उसकी रणनीति और मजबूत दिख रही है। वहीं कांग्रेस ने रायजोर दल के साथ गठबंधन किया है और कई अन्य पार्टियां भी इसमें शामिल हो गई हैं। इससे साफ है कि इस बार मुकाबला बहुत कड़ा और सीधा होगा।

BPF ने भी मैदान में उतारे उम्मीदवार, चुनावी दिलचस्पी बढ़ी-एनडीए की सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें पार्टी के बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इससे चुनावी मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प हो गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या हिमंता सरमा अपनी मजबूत पकड़ बनाए रख पाएंगे या विपक्ष कोई नया समीकरण बना पाएगा।

असम विधानसभा चुनाव 2026 में हिमंता बिस्वा सरमा की जालुकबारी सीट से वापसी और बीजेपी की रणनीति ने चुनावी लड़ाई को और भी रोमांचक बना दिया है। विपक्ष के गठबंधन और BPF की भागीदारी से मुकाबला कड़ा होने वाला है। अब देखना यह है कि इस बार असम की जनता किसे अपना नेतृत्व चुनती है और कौन बनता है अगला मुख्यमंत्री।

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