भारत टैक्सी की शुरुआत: अब ड्राइवर होगा मालिक, बिना कमीशन चलेगी सवारी

अमित शाह करेंगे ‘भारत टैक्सी’ का भव्य लॉन्च, देशभर में राइड-हेलिंग में नया युग शुरू-भारत में राइड-हेलिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह देश का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है जो को-ऑपरेटिव मॉडल पर आधारित है और ड्राइवरों को पूरी आज़ादी और लाभ देता है। दो महीने के सफल पायलट के बाद अब इसे पूरे देश में फैलाने की तैयारी है। आइए विस्तार से जानते हैं इस नई पहल के बारे में।
भारत टैक्सी: ड्राइवरों के लिए बिना कमीशन का प्लेटफॉर्म-‘भारत टैक्सी’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता और न ही सर्ज प्राइसिंग होती है। इसका मतलब है कि जो कमाई होती है, वह सीधे ड्राइवर के खाते में जाती है। यह मॉडल विदेशी कंपनियों से बिल्कुल अलग है, जहां ड्राइवरों को अक्सर कमीशन देना पड़ता है। यहां ड्राइवर न केवल कमाते हैं, बल्कि मुनाफे में भी उनकी हिस्सेदारी होती है, जिससे यह पूरी तरह से ड्राइवर-फ्रेंडली और देसी विकल्प बन जाता है।
दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से शुरू, ओला-उबर को कड़ी टक्कर-इस प्लेटफॉर्म को देश की आठ बड़ी को-ऑपरेटिव संस्थाओं का समर्थन मिला है। इसका पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू हुआ था, जहां रोजाना 10 हजार से ज्यादा राइड्स हो रही हैं। मंत्रालय का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा को-ऑपरेटिव राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जहां ड्राइवर खुद मालिक होते हैं। इस मॉडल ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को सीधी चुनौती दी है।
तीन लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़े, 10 करोड़ रुपये सीधे बांटे गए-अब तक भारत टैक्सी से 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़ चुके हैं और एक लाख से अधिक यूजर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को दिए जा चुके हैं। ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाता है और उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस, एक्सीडेंट इंश्योरेंस, रिटायरमेंट सेविंग्स जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। दिल्ली में इसके सात सपोर्ट सेंटर भी काम कर रहे हैं, जो ड्राइवरों की मदद करते हैं।
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा पर खास ध्यान-भारत टैक्सी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘बाइक दीदी’ पहल शुरू की है, जिसमें अब तक 150 से ज्यादा महिलाएं ड्राइवर के रूप में जुड़ चुकी हैं। प्लेटफॉर्म पर इमरजेंसी सपोर्ट, वेरिफाइड राइड डेटा और बिना किसी एक्सक्लूसिव शर्त के काम करने की सुविधा भी दी जाती है। ड्राइवर चाहे तो दूसरे ऐप्स पर भी काम कर सकता है, जिससे उनकी आज़ादी और सुरक्षा दोनों बनी रहती है।
लॉन्च इवेंट में सम्मान और बीमा कवर की घोषणा-लॉन्च कार्यक्रम में टॉप छह परफॉर्मिंग सारथियों को सम्मानित किया जाएगा। अमित शाह उन्हें शेयर सर्टिफिकेट देंगे, जिससे ‘सारथी ही मालिक’ की भावना को और मजबूती मिलेगी। साथ ही, इन ड्राइवरों को 5 लाख रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस और 5 लाख रुपये का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस भी दिया जाएगा। इस मौके पर नौ एमओयू भी साइन किए जाएंगे, ताकि डिजिटल सशक्तिकरण और सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।
दो साल में पूरे देश में विस्तार का लक्ष्य-सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो साल में भारत टैक्सी को देश के हर राज्य और शहर तक पहुंचाया जाए। हर राज्य में अलग-अलग सपोर्ट सेंटर खोले जाएंगे और ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। लॉन्च इवेंट में देशभर से 1200 से ज्यादा सारथी शामिल होंगे, जो इस को-ऑपरेटिव मॉडल पर बढ़ते भरोसे का सबूत है।



