रतलाम में नकली घी का बड़ा खुलासा: त्योहारों से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

त्योहारों के मौसम में खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा मिलावटखोर उठाने लगते हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम में ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां नकली और घटिया घी को असली बताकर बेचा जा रहा था। खाद्य विभाग ने करीब 1600 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी।
गुप्त सूचना पर छापा, मकान से भारी मात्रा में नकली घी बरामद-खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश गुप्ता को सूचना मिली कि रतलाम में बड़े पैमाने पर नकली घी का कारोबार हो रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने ग्लोबल सिटी इलाके में विक्रांत त्यागी के मकान पर छापा मारा। वहां ‘महाकाल ट्रेडर्स’ नाम से व्यापार चल रहा था। जांच में अलग-अलग ब्रांड के घी के पैकेट मिले, जिन्हें सील कर जांच के लिए भेजा गया।
यूपी की कंपनियों के नाम पर नकली घी की सप्लाई-जांच में पता चला कि यह नकली घी उत्तर प्रदेश की कंपनियों ‘मदर बेस्ट’ और ‘यूपी फ्रेश’ के नाम पर बेचा जा रहा था। यह माल मुजफ्फरनगर जिले की इन कंपनियों के ब्रांड से मार्केट में सप्लाई किया जा रहा था। अब यह जांच का विषय है कि ये कंपनियां असली हैं या सिर्फ नाम का इस्तेमाल कर नकली कारोबार किया जा रहा था।
सस्ते दाम में ग्रामीण बाजार को बनाया निशाना-नकली घी को “मदर बेस्ट प्रीमियम देसी घी” के नाम से 350 से 400 रुपये प्रति लीटर में बेचा जा रहा था। 15 लीटर की टीन करीब 6000 रुपये में ग्रामीण इलाकों की दुकानों तक पहुंचाई जा रही थी। कम कीमत के चक्कर में लोग इसे खरीद रहे थे, जबकि इसकी असलियत से अनजान थे।
जब्त माल का पूरा ब्यौरा: अलग-अलग पैकिंग में भारी मात्रा
मदर बेस्ट कंपनी के नाम से बरामद माल:
1 लीटर की 11 पेटियां (165 पैकेट)
500 एमएल की 12 पेटियां (360 पैकेट)
1 लीटर जार की 3 पेटियां (45 पैकेट)
500 एमएल की 15 पेटियां (450 पैकेट)
15 लीटर की टीन में लगभग 180 किलोग्राम माल
यूपी फ्रेश कंपनी के नाम से बरामद माल:
1 लीटर की 13 पेटियां (195 पैकेट)
500 एमएल की 14 पेटियां (210 पैकेट)
200 एमएल की 11 पेटियां (825 पैकेट)
15 किलोग्राम के 10 बड़े पैक
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कार्रवाई- अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि घी पूरी तरह नकली था या उसमें मिलावट हुई थी। त्योहारों से पहले हुई यह कार्रवाई बड़ी सफलता मानी जा रही है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला हमें याद दिलाता है कि त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के लिए हमेशा भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें और जरूरत पड़ने पर जांच रिपोर्ट जरूर देखें।



