BJP बंगाल में फिर बढ़ी खींचतान: दिलीप घोष पर आपत्तिजनक वीडियो से विवाद, साजिश का शक

दिलीप घोष वीडियो विवाद: क्या है पूरा मामला?-यह लेख पश्चिम बंगाल में भाजपा के भीतर चल रहे कलह पर प्रकाश डालता है, जिसका केंद्र बिंदु हाल ही में वायरल हुआ एक वीडियो है जिसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष शामिल हैं।
वीडियो विवाद और पुलिस शिकायत-सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो के वायरल होने के बाद, दिलीप घोष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका दावा है कि यह वीडियो उनकी छवि को धूमिल करने की एक सुनियोजित साज़िश का हिस्सा है। घोष ने इस मामले की गहन जाँच की मांग की है और पुलिस से मदद मांगी है। यह घटना भाजपा के भीतर की राजनीतिक उठापटक को उजागर करती है।
पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का संकेत?-हालांकि घोष ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने पार्टी के भीतर ही किसी के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया। यह बयान पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों की ओर इशारा करता है। पुलिस जाँच इस बात का खुलासा कर सकती है कि इस वीडियो के पीछे कौन है और क्या यह कोई सुनियोजित साज़िश थी।
घोष और अधिकारी के बीच तनाव-2021 के विधानसभा चुनावों के बाद से दिलीप घोष और सुवेंदु अधिकारी के बीच मतभेद की खबरें आ रही हैं। घोष को 2024 के लोकसभा चुनावों में मेदिनीपुर से हटाकर बर्दवान-दुर्गापुर सीट पर उतारा गया, जहाँ वे हार गए। इस बदलाव में अधिकारी की संभावित भूमिका की चर्चाएँ भी हो रही हैं। यह घटना पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष को दर्शाती है।
ममता बनर्जी के कार्यक्रम में भागीदारी-पार्टी की अपील के बावजूद, घोष ने ममता बनर्जी द्वारा जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस कदम ने पार्टी के भीतर उनके खिलाफ नाराजगी को और बढ़ा दिया है। यह घटना पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और विद्रोह के भाव को दर्शाती है।
आगामी चुनावों पर संभावित प्रभाव-2026 के विधानसभा चुनाव से पहले, भाजपा बंगाल में पुराने और नए नेताओं के बीच चल रहे तनाव का सामना कर रही है। घोष खड़गपुर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि मौजूदा विधायक हिरण चटर्जी अधिकारी के करीबी माने जाते हैं। यह वीडियो विवाद सुलह की कोशिशों को एक बड़ा झटका दे सकता है और आगामी चुनावों के परिणामों को प्रभावित कर सकता है।



