संविधान के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी BSP: मायावती का BJP और कांग्रेस पर तीखा हमला

संविधान की रक्षा: मायावती का आक्रोश-मायावती ने संविधान की मूल भावना को बनाए रखने की पुरजोर वकालत की है और संविधान की प्रस्तावना में किसी भी तरह के बदलाव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना देश की आत्मा है और इसमें छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संविधान में राजनीतिक बदलावों की आलोचना-मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए संविधान में बदलाव किए हैं, जिससे संविधान की मूल भावना कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि ये बदलाव स्वार्थी राजनीति का परिणाम हैं।
जातिवादी मानसिकता का विरोध-मायावती ने कुछ राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि वे संविधान को बदलकर उसे पुराने जातिवादी ढांचे में ढालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बसपा इस मानसिकता का पुरजोर विरोध करेगी क्योंकि यह सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
आरएसएस के बयान पर प्रतिक्रिया-आरएसएस के संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने के बयान पर मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ये शब्द संविधान में सोच-समझकर जोड़े गए थे और इन्हें हटाना लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के साथ खिलवाड़ है।
महिला सुरक्षा और आतंकवाद पर चिंता-मायावती ने देश में महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
मतदाता सूची में संशोधन पर सवाल-मायावती ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में सुधार को लेकर चल रही अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा और कहा कि इस प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए।



