“कैप्टन विक्रम बत्रा को सेना ने किया याद: एक हीरो जिसकी गूंज अब भी दिलों में ज़िंदा है”

कैप्टन विक्रम बत्रा: कारगिल का शेर, देश का हीरो-यह लेख कारगिल युद्ध के वीर सपूत, कैप्टन विक्रम बत्रा को समर्पित है। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में एक भावुक कार्यक्रम में उनकी बहादुरी और बलिदान को याद किया गया। इस कार्यक्रम में उनके परिवार को सम्मानित किया गया और उनकी प्रेरणादायक कहानी को फिर से जीवंत किया गया।
कारगिल का वीर योद्धा-कैप्टन बत्रा 13 जैक राइफल्स में थे और 7 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हो गए थे। उनकी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी कहानी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका साहस और देशभक्ति आज भी हमें प्रेरित करती है।
परिवार को श्रद्धांजलि-कैप्टन बत्रा के पिता जी.एल. बत्रा और उनके जुड़वां भाई विशाल बत्रा को सेना ने स्मृति चिन्ह और कृतज्ञता पत्र देकर सम्मानित किया। यह शहीदों के परिवारों के प्रति सेना के सम्मान और आभार का प्रतीक है। यह भावुक क्षण सभी के लिए यादगार रहा होगा।
देश का आभार-सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि यह श्रद्धांजलि कैप्टन बत्रा के बलिदान के प्रति देश की आजीवन कृतज्ञता का प्रतीक है। उनकी वीरता की कहानी हमेशा भारतीयों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनका नाम हमेशा इतिहास में अमर रहेगा।
युवाओं के लिए प्रेरणा-एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर वी.एस. चौहान ने कैडेट्स को कैप्टन बत्रा के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देना ही सच्ची देशभक्ति है। यह एक ऐसा संदेश है जो हमेशा याद रखना चाहिए।
डीएवी कॉलेज का गौरव-डीएवी कॉलेज की प्रिंसिपल मोना नारंग ने बताया कि उन्हें गर्व है कि कैप्टन बत्रा उनके कॉलेज के छात्र थे। उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। यह कॉलेज के लिए एक गौरव का क्षण है।
‘ये दिल मांगे मोर’-कैप्टन बत्रा के पिता ने कहा कि उनका बेटा सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा था। उनके प्रसिद्ध शब्द ‘ये दिल मांगे मोर’ आज भी देशवासियों के दिलों में गूंजते हैं। यह वाक्य उनके साहस और देशभक्ति का प्रतीक है।
कारगिल विजय दिवस-कार्यक्रम में कैप्टन बत्रा के जीवन पर एक छोटी फिल्म भी दिखाई गई। 26 साल पहले ऑपरेशन विजय में भारत ने कारगिल की लड़ाई जीती थी, और हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।



