दिल्ली पुलिस बनकर बुजुर्ग से 22 लाख की ठगी, CBI जांच में तेजी

दिल्ली पुलिस और CBI बनकर बुजुर्ग से 22 लाख की साइबर ठगी, जांच में तेजी
बुजुर्ग को बनाकर बनाया साइबर ठगी का शिकार-अमरपाटन थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग को ठगों ने दिल्ली पुलिस और CBI अधिकारी बनकर कई दिनों तक डराया-धमकाया। 69 वर्षीय मानेंद्र सिंह से 22 लाख रुपये से ज्यादा की रकम ठगी गई। ठगों ने बुजुर्ग को लगातार फोन और मैसेज कर मानसिक दबाव में रखा, जिससे वह पूरी तरह फंस गया।
एक फोन कॉल से शुरू हुआ खेल-5 मई को मानेंद्र सिंह को एक महिला ने फोन किया और खुद को दिल्ली टेलीकॉम विभाग की अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर दिल्ली में बैंक खाता है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है। इसके बाद बुजुर्ग को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई, जिससे वह घबरा गया।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर दबाव बनाया गया-जब बुजुर्ग ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य की बात कही, तो एक और शख्स ने खुद को IPS अधिकारी बताया। फिर एक तीसरा व्यक्ति आया, जिसने खुद को CBI अधिकारी बताया। ठगों ने बुजुर्ग को किसी से बात न करने की हिदायत दी और हर घंटे संपर्क में रखा।
बैंक खातों और फिक्स डिपॉजिट की जानकारी ली गई-ठगों ने जांच का बहाना बनाकर बुजुर्ग से उनके बैंक खातों और फिक्स डिपॉजिट की पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रकम वापस कर दी जाएगी, जिससे बुजुर्ग पूरी बातों पर यकीन करता रहा।
चार फिक्स डिपॉजिट तोड़कर 22 लाख जमा कराए गए-\\18 मई को बुजुर्ग ने अपनी और पत्नी के नाम की चार फिक्स डिपॉजिट तोड़ीं और लगभग 22 लाख रुपये एक खाते में जमा कराए। अगले दिन आरोपियों ने RBI के नाम से एक पत्र भेजा और रकम एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा ली।
पैसा वापस न मिलने पर बढ़ा शक-ठगों ने रकम वापस करने का वादा किया था, लेकिन 24 घंटे बाद भी पैसा नहीं लौटा। बुजुर्ग को शक हुआ, लेकिन तब तक बड़ी रकम उनके हाथ से निकल चुकी थी। आरोपियों ने लगातार संपर्क बनाए रखा और बुजुर्ग को भ्रमित करते रहे।
फिर मांगे गए 8 लाख रुपये और जेवर गिरवी रखने की सलाह-23 मई को आरोपियों ने संपत्ति सत्यापन का बहाना बनाकर 8 लाख रुपये और जमा करने को कहा। उन्होंने घर के जेवर गिरवी रखने की सलाह भी दी। इस पर बुजुर्ग को पूरा मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने परिवार को बताया।
परिवार को बताई पूरी सच्चाई-शक होने पर बुजुर्ग ने परिवार को पूरी बात बताई। परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क करने को कहा। पीड़ित ने अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला और जांच तेज-पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। साइबर सेल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश जारी है।
साइबर सेल की जांच जारी, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी-साइबर सेल हर डिजिटल सुराग को खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी और ठगों को पकड़ लिया जाएगा।



