Madhya PradeshState
Trending

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों की चिंता करें, शिक्षकों की चिंता करना मेरा दायित्व…..

10 / 100

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त होने वाले 5 हजार 500 से अधिक शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि आप पर भारत की भावी पीढ़ी को गढ़ने, उन्हें आधुनिकता में ढालने और नई दिशा देने की जिम्मेदारी है। पिछले तीन वर्षों में हुई लगभग 50 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य सरकार बधाई की पात्र है। प्रधानमंत्री श्री मोदी नवनियुक्त शिक्षकों के प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण तथा उन्हें बधाई पत्र सौंपने के लिए शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुए कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नवनियुक्त शिक्षकों को प्रेरित किया तथा उन्हें बधाई पत्र सौंपे। कार्यक्रम में मंत्री जनजातीय कार्य विभाग सुश्री मीना सिंह एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार उपस्थित थे।

मातृ भाषा में पढ़ाई को लेकर हुए विशेष प्रयास

Related Articles

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि नव नियुक्त शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं। विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रभावी योगदान है। इसमें पारम्परिक ज्ञान से लेकर भविष्य की टेक्नालॉजी को समान रूप से महत्व दिया गया है। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। मातृ भाषा में पढ़ाई को लेकर विशेष प्रयास हुए हैं। सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंग्रेजी न जानने वाले छात्रों के लिए उनकी मातृ भाषा में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकों पर बल दिया गया है। देश की शिक्षा व्यवस्था में ये बहुत बड़े बदलाव का आधार बनेगा।

नव-नियुक्त शिक्षक सीखते रहने की प्रवृत्ति जारी रखें

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नव-नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी कड़ी मेहनत से यहाँ तक पहुँचे हैं, आगे भी आप सीखते रहने की प्रवृत्ति जारी रखें। सरकार ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म IGOT Karmayougi तैयार किया है। शिक्षकगण इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का प्रयास करें।

शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में हो रही नई पहल

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार, इन तीनों ही स्तरों पर दूरगामी नीति और निर्णय के साथ अनेक वित्तीय पहल की जा रही है। इस 15 अगस्त पर पीएम विश्वकर्मा योजना का ऐलान किया गया। हमारे विश्वकर्मा सारथियों के पारपम्परिक कौशल को 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक ढालने के लिये पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई गई है। इस पर लगभग 13 हजार करोड़ रूपये खर्च होंगे। अलग-अलग तरह के 18 हुनर से जुड़े परिवारों को हर प्रकार की सहायता दी जायेगी, जिससे युवाओं को अपना कौशल निखाने के अवसर मिलेंगे।

देश के हर सेक्टर को मिल रही मजबूती

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जब सकारात्मक सोच, सही नीयत, पूर्ण निष्ठा के साथ निर्णय होते हैं, तो पूरा वातावरण सकारात्मकता से भर जाता है। अमृतकाल के पहले वर्ष में ही दो बहुत बड़ी सकारात्मक खबरें आई हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 5 साल के भीतर ही भारत में साढ़े 13 करोड़ भारतीय, गरीबी रेखा से ऊपर आ गये हैं। इस वर्ष फाइल होने वाली इनकम टेक्स रिटर्न की संख्या भी दूसरा महत्वपूर्ण संकेत दे रही है। आईटीआर के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 में जो औसत आय करीब 4 लाख रूपये थी, वह वर्ष 2023 में बढ़कर 13 लाख रूपये हो गई है। देश के नागरिकों को अपनी सरकार पर भरोसा निरंतर बढ़ रहा है। देश के नागरिक ईमानदारी से अपना टेक्स देने के लिये आगे आ रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले जो अर्थ-व्यवस्था दुनिया में दसवें नम्बर पर थी, वह आज पाँचवें नम्बर पर पहुँच गई है। यह आंकड़े उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ इस बात का विश्वास दिलाते हैं कि देश के हर सेक्टर को मजबूती मिल रही है।

गरीब के हक का पूरा पैसा सीधे उसके खाते में पहुँच रहा है

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज गरीब के हक का पूरा पैसा सीधे उसके खाते में पहुँच रहा है। सरकार गरीब कल्याण पर पहले से ही कहीं अधिक खर्च कर पा रही है। बड़े स्तर पर हुए निवेश में देश के कोने-कोने में रोजगार के अवसर सृजित किये हैं। वर्ष 2014 के बाद से देश के गाँवों में 5 लाख नये कॉमन सर्विस सेंटर बने, जो कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं।

शिक्षक बनना कोई साधारण नौकरी नहीं है – शिक्षक इंसान गढ़ते हैं : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव नियुक्त शिक्षकों से कहा कि शिक्षकों का काम विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान और बेहतर मनुष्य बनने के संस्कार देना है। शिक्षक बनना कोई साधारण नौकरी नहीं है, शिक्षक इंसान गढ़ने का काम करते हैं। आप विद्यार्थियों की चिंता करिए आप सभी के भविष्य की चिंता करना मेरा काम है। मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप सब मेरे भांजे-भांजियाँ हैं और हमारा प्रेम व स्नेह का नाता है। शिक्षक अर्थात गुरू का दायित्व ग्रहण करने से मेरे मन में आपके प्रति आदर भाव है। गुरू का अर्थ अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना है। गुरू वह कुम्हार है जो माटी से जैसी चाहे मूर्ति बना दे। जैसा आप बच्चों को गढ़ना चाहेंगे गढ़ देंगे। आप पर ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को गढ़ने की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद और भगवद गीता के प्रसंगों से किया प्रेरित

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आदिपुरूष शंकराचार्य जी ने कहा था जो मुक्ति दिलाए, वही शिक्षा है। मुक्ति का अर्थ है जो इस लोक में हमें रहने के लायक बना दे अर्थात हमें ज्ञान, कौशल और नागरिकता के संस्कार दे, वही शिक्षा है। मेरी प्रेरणा स्वामी विवेकानंद रहे हैं। वे कहते थे शिक्षा वह है जो मुनष्य को मनुष्य बना दे। मनुष्य का अर्थ है चरित्रवान, ईमानदार, शालीन, कर्मठ, देशभक्त और परोपकारी तथा जो दुनिया को बेहतर बनाए, वही मनुष्य है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से श्रीमद भगवद गीता में उल्लेखित सात्विक कार्यकर्ता के गुणों के अनुरूप अपना व्यक्तित्व विकसित करने का आहवान किया।

 कथनी और करनी में समानता जरूरी है

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने शिक्षक श्री रतनचंद्र जैन का स्मरण करते हुए कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूँ, उसका सम्पूर्ण श्रेय मेरे गुरु श्री जैन को है। उन्होंने सीमित संसाधनों में हमारी क्षमताओं को निखारा। शिक्षक के रूप में संचित ज्ञान आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित करना, उन्हें कौशल और नागरिकता के संस्कार देना आपका दायित्व है। यह दायित्व सही तरीके से निर्वहन करने के लिए आवश्यक है कि आप का आचरण और व्यवहार ठीक हो। महात्मा गांधी के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हम बच्चों से जैसे व्यवहार की अपेक्षा है वैसा आचार- व्यवहार पहले हमें अपनाना होगा। कथनी और करनी में समानता होने से ही विद्यार्थी और उनके माता-पिता आपका अनुसरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं सरकार नहीं, परिवार चलाता हूँ। हम सब एक परिवार हैं।

योग, व्यायाम, ध्यान को दिनचर्या का अंग बनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षक लगातार बेहतर करने और अपने कार्य में नवाचार का निरंतर प्रयास करें। सदा प्रसन्न रहें, तनाव रहित रहें, प्रात: काल योग,व्यायाम, ध्यान को दिनचर्या का अंग बनाएं। इससे कार्यक्षमता बढ़ेगी और आप अपने पारिवारिक और शासकीय कार्यों में संतुलन बनाते हुए बेहतर परिणाम देंगे तथा आपका जीवन भी अधिक आनंदमय बनेगा।

नवनियुक्त शिक्षक पूरी मेहनत और सम्पर्ण से कार्य करें

मंत्री जनजातीय कार्य विभाग सुश्री मीना सिंह ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि समाज, देश और प्रदेश के निर्माण में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है। बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए नवनियुक्त शिक्षक पूरी मेहनत और सम्पर्ण से कार्य करेंगे, यही अपेक्षा है।

कार्यक्रम में प्रत्येक संभाग के एक जिले के एक-एक प्रतिभागी को मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा बधाई पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया तथा प्रज्जवलित कर और कन्या-पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। “हम शिक्षक हैं- हम शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे” गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई।

jeet

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button