अशोकनगर में कांग्रेस का जेल भरो आंदोलन: FIR के बावजूद जीतू पटवारी बोले- लोकतंत्र की लड़ाई नहीं रुकेगी

मध्य प्रदेश में कांग्रेस का ‘जेल भरो आंदोलन’: क्या है पूरा मामला?-यह आर्टिकल मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी द्वारा शुरू किए गए ‘जेल भरो आंदोलन’ के बारे में विस्तार से बताता है। इस आंदोलन के पीछे की वजह, कांग्रेस के दावे और बीजेपी की प्रतिक्रिया सब कुछ यहाँ समझाया गया है।
अन्याय के खिलाफ कांग्रेस का आगाज़-8 जुलाई को मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कांग्रेस पार्टी ने जेल भरो आंदोलन की शुरुआत की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस आवाज़ उठाएगी और पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी। उनका मानना है कि प्रशासन इन मामलों में उदासीन है और इसलिए यह आंदोलन ज़रूरी है।
FIR और सियासी संग्राम-जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि अशोकनगर में एक पीड़ित को न्याय दिलाने की कोशिश में उनके खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई। लेकिन उन्होंने साफ़ किया है कि वो इस मामले में पीछे नहीं हटेंगे और सौ FIR होने पर भी लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि पुलिस ने अपना काम नहीं किया, इसलिए अब कांग्रेस सड़क पर उतरकर जनता का साथ देगी।
संदेश देने का मकसद-पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन सिर्फ़ गिरफ्तारी के लिए नहीं, बल्कि सरकार को एक कड़ा संदेश देने के लिए है। कांग्रेस का कहना है कि वो लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के अत्याचारों का विरोध करेगी और जनता की लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
बीजेपी का पलटवार-बीजेपी ने कांग्रेस के इस आंदोलन पर निशाना साधा है। बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास पैसे नहीं हैं, इसीलिए उन्हें होटल नहीं मिलते और वो सिर्फ़ आरोप लगाते हैं, काम नहीं करते।
जनता की आवाज़-कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे राज्य में कमज़ोर वर्गों की आवाज़ है। कांग्रेस का मानना है कि सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण कमज़ोर वर्गों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और इस आंदोलन से पीड़ितों की बात सरकार तक पहुँचेगी।



