दतिया उपचुनाव टला, चुनाव आयोग की सूची से नाम गायब

दतिया उपचुनाव पर लगा ब्रेक: चुनाव आयोग की सूची से नाम गायब, राजनीतिक अटकलों पर विराम
दतिया में उपचुनाव की चर्चाएं फिलहाल थमीं-मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव को लेकर जो हलचल चल रही थी, उस पर फिलहाल विराम लग गया है। चुनाव आयोग ने राज्यसभा और विधानसभा चुनावों की नई अधिसूचना जारी की, लेकिन इसमें दतिया विधानसभा सीट का नाम नहीं है। इससे क्षेत्र में चल रही तमाम राजनीतिक अटकलें खत्म हो गई हैं।
विधायक की सदस्यता खत्म होने के बाद बढ़ी हलचल-दतिया विधानसभा सीट चर्चा में तब आई थी जब कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी घोटाले में दोषी ठहराया गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए गए थे।
विधानसभा सचिवालय ने सीट को घोषित किया रिक्त-कोर्ट के फैसले के बाद 2 अप्रैल को मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी। देर रात सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर चुनाव आयोग को इसकी सूचना दी। इसके बाद उपचुनाव की संभावना बढ़ गई थी।
मई-जून में चुनाव की चर्चा तेज हुई-सीट खाली होने के बाद राजनीतिक गलियारों में मई या जून में उपचुनाव कराने की चर्चा तेज हो गई थी। विभिन्न दलों ने संभावित चुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। लेकिन अब स्थिति में बदलाव आया है।
चुनाव आयोग की अधिसूचना ने बदल दी तस्वीर- हाल ही में चुनाव आयोग की अधिसूचना में दतिया विधानसभा सीट को शामिल नहीं किया गया है। इससे साफ हो गया कि फिलहाल यहां उपचुनाव नहीं होगा। आयोग के इस फैसले ने लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है।
राजनीतिक दलों की नजर अगली घोषणा पर-हालांकि अभी उपचुनाव की संभावना टल गई है, लेकिन राजनीतिक दलों की नजर चुनाव आयोग की अगली घोषणाओं पर बनी हुई है। दतिया की राजनीति में यह मुद्दा अभी भी चर्चा में है और लोग आगे के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।



