देवास राजपरिवार की 12 अरब से ज्यादा की संपत्ति विवाद अब हाईकोर्ट में, 26 सितंबर को होगी सुनवाई

देवास राजपरिवार की अरबों की संपत्ति पर घमासान: हाईकोर्ट में पहुँचा मामला!
संपत्ति का महासंग्राम: अब हाईकोर्ट में गूँजेगी देवास राजपरिवार की आवाज़-यह मामला अब एक नए मोड़ पर आ गया है। देवास के शाही परिवार के बीच अरबों की संपत्ति को लेकर जो विवाद चल रहा था, वह अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुँच चुका है। करीब 12 अरब 39 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इन कीमती संपत्तियों पर मालिकाना हक़ को लेकर यह जंग अब बड़े मंच पर लड़ी जाएगी। इससे पहले जिला अदालत ने भी इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब हाईकोर्ट इस पर अपना फैसला सुनाएगा।
गायत्री राजे पंवार का हाईकोर्ट में दस्तक: जिला अदालत के फैसले को दी चुनौती-देवास जिला न्यायालय के उस फैसले को, जिसमें संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई थी, गायत्री राजे पंवार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका मानना है कि यह आदेश न्यायसंगत नहीं है और इससे संपत्ति से जुड़े उनके अधिकारों पर असर पड़ रहा है। अब हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी, जहाँ दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएँगी और आगे का रास्ता तय होगा।
शैलजाराजे पंवार की भी एंट्री: अपनी हिस्सेदारी के लिए दायर की याचिका-इस पूरे विवाद में अब स्वर्गीय तुकोजीराव पंवार की बहन शैलजाराजे पंवार ने भी अपनी याचिका दायर कर दी है। उन्होंने राजपरिवार की इन बेशकीमती संपत्तियों में अपने हिस्से की माँग की है। साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र में स्थित एक ज़मीन पर चल रहे निर्माण कार्य को भी रुकवाने की गुहार कोर्ट से लगाई है। यह मामला अब और भी पेचीदा होता जा रहा है।
किन-किन संपत्तियों पर चल रहा है विवाद?-जिन संपत्तियों को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है, उनकी सूची काफी लंबी है। इसमें देवास कोठी, नागदा और राघोगढ़ की ज़मीनें, साथ ही देवास की अन्य संपत्तियाँ भी शामिल हैं। इसके अलावा, जयपुर का कोल्ड स्टोरेज, इंदौर का आलीशान बंगला, आलोट, पुणे और अहमदनगर की प्रॉपर्टीज़ भी इस विवाद का हिस्सा हैं। इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत अरबों रुपये में आँकी जा रही है, जो इस विवाद को और भी गंभीर बना देती है।



