श्रेयरस तलपड़े पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, मैनपुरी में निवेश के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप

मैनपुरी में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी: श्रेयस तलपड़े समेत 12 लोगों पर केस दर्ज-उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े समेत 12 लोगों के खिलाफ स्थानीय लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप लगा है। इस मामले में भोगांव थाने में 10 फरवरी 2026 को FIR दर्ज की गई है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मामला कैसे शुरू हुआ?-मोहल्ला मिश्राना के 14 लोगों ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि साल 2015 में सागा ग्रुप ने LUCC बैंक की एक शाखा शुरू की थी, जहां ग्रामीणों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया गया। लोगों ने भरोसा कर अपनी पूंजी जमा की, लेकिन जब पैसे वापस मांगे तो टालमटोल और बहाने सुनने को मिले।
पैसे वापस न मिलने और धमकियों का आरोप-शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने तो धमकियां मिलने की भी बात कही है। कई परिवारों की जमा पूंजी इस योजना में फंसी हुई है और वे अभी भी अपने पैसे वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
FIR में शामिल नाम और जांच की स्थिति-पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में समीर अग्रवाल, सानिया अग्रवाल, आरके सेट्टी (फंड मैनेजर), संजय मुदगिल, शबाब हुसैन, श्रेयस तलपड़े, नरेंद्र नेगी, पंकज अग्रवाल, सुप्रिया, अनुज जैन, अजय श्रीवास्तव और अरविंद त्रिपाठी के नाम शामिल हैं। पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि हर आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सके।
सागा ग्रुप और LUCC बैंक की भूमिका-FIR में आरोप है कि सागा ग्रुप के संचालक समीर अग्रवाल और उनकी पत्नी सानिया अग्रवाल ने LUCC बैंक की शाखा के जरिए निवेश योजनाएं चलाईं। साल 2024 में बैंक का कामकाज अचानक बंद हो गया, जिससे निवेशकों की रकम अटक गई। इस वजह से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी और मामला अदालत तक पहुंचा।
मामला सिर्फ मैनपुरी तक सीमित नहीं-शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह धोखाधड़ी सिर्फ मैनपुरी तक सीमित नहीं है। उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में भी LUCC बैंक पर इसी तरह के आरोप लगे हैं। अगर जांच में ये आरोप सही पाए गए तो मामला और बड़ा हो सकता है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई-कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी बैंकिंग रिकॉर्ड, निवेश दस्तावेज और आरोपियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।



