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सोने की कीमतों में हफ्ते की शुरुआत में गिरावट, जानिए क्यों कमजोर पड़ा गोल्ड मार्केट

सोने की कीमतों में गिरावट: नए हफ्ते की शुरुआत में दबाव-सोने की कीमतों में नए हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर माहौल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने के भाव में दबाव देखने को मिला। सोमवार को फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमत लगभग 2,225 रुपये गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। बाजार में निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

एमसीएक्स पर सोने के भाव में नरमी-देश के प्रमुख कमोडिटी बाजार एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को सोना करीब 1.4 प्रतिशत यानी 2,225 रुपये टूटकर 1,56,241 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस दौरान कुल 7,881 लॉट का कारोबार हुआ, जो दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल थोड़ा सावधान होकर निवेश कर रहे हैं।

डॉलर की मजबूती और ऊर्जा की कीमतों का असर-Motilal Oswal के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है। इसके साथ ही यह चिंता भी बढ़ी है कि Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है। इन कारणों से सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और बाजार में मंदी का माहौल दिख रहा है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर-पहले ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि मार्च की बैठक में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, लेकिन अब ये उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, साल के बाद के महीनों में दरें घटने की संभावना लगभग 80 प्रतिशत रह गई है। इस बदलाव ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है और वे अब ज्यादा सतर्क होकर निवेश कर रहे हैं।

गोल्ड ईटीएफ में निवेश में कमी-बाजार के आंकड़े बताते हैं कि इस महीने गोल्ड आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETFs) में निवेश भी कम हुआ है। अब तक इन फंड्स की होल्डिंग लगभग 31 टन घट चुकी है। इसका मतलब है कि निवेशक जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं और अनिश्चितता के माहौल में अपने निवेश को सीमित रख रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट-वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। COMEX पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट के लिए गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1.07 प्रतिशत गिरकर 5,007.39 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हालांकि सोना अभी भी 5,000 डॉलर के आसपास बना हुआ है, लेकिन पिछले दो हफ्तों से इसमें लगातार कमजोरी देखी जा रही है।

वैश्विक तनाव और तेल की कीमतों से बाजार में अनिश्चितता-IndusInd Securities के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर हमला किया, जिससे सप्लाई को लेकर जोखिम बढ़ गया है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव तीसरे हफ्ते में-अमेरिका और इजराइल से जुड़ा ईरान के साथ चल रहा तनाव अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है। अभी तक इस संघर्ष का कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकला है। इसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी पड़ रहा है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।

बड़े केंद्रीय बैंक कर रहे हैं अहम फैसले-विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लेने वाले हैं। इनमें Federal Reserve के अलावा यूरोजोन, ब्रिटेन, जापान, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, ब्राजील और रूस के केंद्रीय बैंक शामिल हैं। इन फैसलों का असर आने वाले दिनों में सोने और अन्य बाजारों पर देखने को मिल सकता है।

इस तरह, सोने की कीमतों पर कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारकों का प्रभाव दिख रहा है, जिससे निवेशकों में सतर्कता और अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे समय में निवेशकों को सोच-समझकर और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए।

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