लोकसभा में गरमाई बहस: प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का किया जोरदार बचाव

लोकसभा में हाल ही में एक जोरदार बहस हुई, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी का खुलकर समर्थन किया। इस बहस में उन्होंने राहुल गांधी की सच्चाई और हिम्मत की तारीफ की और साथ ही नेहरू जी के भाषण को लेकर बीजेपी पर तंज भी कसा। आइए, इस बहस के मुख्य पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।
राहुल गांधी पर उठे सवालों का प्रियंका गांधी ने दिया सटीक जवाब-जब लोकसभा में सत्ताधारी दल ने राहुल गांधी की योग्यता पर सवाल उठाए, तो प्रियंका गांधी ने बिना किसी झिझक के उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में एक ही नेता है जो सत्ता के सामने झुका नहीं, और वह राहुल गांधी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी संसद में बिना डर के सच बोलते हैं, इसलिए विरोधी उन्हें निशाना बनाते हैं।
स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान विवाद-यह बहस उस वक्त शुरू हुई जब लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी का नाम लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी विपक्ष की नेता होतीं तो प्रदर्शन बेहतर होता, क्योंकि वे सदन में सक्रिय रहती हैं और ध्यान से सुनती हैं।
नेहरू के भाषण का हवाला देते हुए किरेन रिजिजू का तर्क-अपने लंबे भाषण में किरेन रिजिजू ने 1954 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के लोकसभा भाषण का जिक्र किया, जब स्पीकर के खिलाफ इसी तरह का प्रस्ताव आया था। उन्होंने कहा कि नेहरू ने विपक्ष को उस समय गंभीर प्रस्ताव को ध्यान से पढ़ने को कहा था, जो आज भी प्रासंगिक है।
नेहरू का नाम लेने पर प्रियंका गांधी ने जताई हैरानी-प्रियंका गांधी ने इस बात पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग रोज नेहरू की आलोचना करते हैं, वही आज उनके भाषण का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अचानक ये लोग नेहरू जी की तारीफ करने लगे हैं और कहते हैं कि उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत किया। प्रियंका ने इस बदलाव को अजीब बताया।
स्पीकर की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल-प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने लोकसभा स्पीकर की स्वतंत्रता को कमजोर कर दिया है। उनका कहना था कि कांग्रेस और विपक्ष संसद की संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि सरकार इन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
लोकतंत्र की संस्थाओं को बचाने की लड़ाई जारी-प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का लोकतंत्र मजबूत संस्थाओं पर टिका है और विपक्ष का कर्तव्य है कि वह इनकी रक्षा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बहस को भटकाती है। उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि झूठी तस्वीरें दिखाने की कोशिशें अंततः जनता के सामने बेनकाब हो जाती हैं।
इस बहस ने साफ कर दिया कि विपक्ष खासकर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी सरकार के खिलाफ अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। साथ ही, लोकतंत्र की संस्थाओं की स्वतंत्रता और सच्चाई की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई भी जारी है।


