भोपाल में बकरीद की नमाज के साथ अमन और सलामती की दुआ, मस्जिदों में दिखा भाईचारे का माहौल

भोपाल में बकरीद का त्योहार: अमन और भाईचारे का संदेश-भोपाल शहर में बकरीद का त्योहार हर्षोल्लास और अमन के साथ मनाया गया। ईदगाह और शहर की मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी भीड़ उमड़ी, और हर तरफ़ खुशी और भाईचारे का माहौल दिखाई दिया।
ईदगाह में नमाज़ और दुआएँ-शहर काज़ी मुश्ताक अली नदवी ने ईदगाह में बकरीद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद देश की सलामती, अमन-चैन और बीमारों की शिफ़ा के लिए दुआएँ माँगी गईं। नमाज़ियों के चेहरों पर सुकून और श्रद्धा साफ़ झलक रही थी। हर किसी के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ़ दिख रहा था।
मस्जिदों में भाईचारे का नज़ारा-भोपाल की मोती मस्जिद, जामा मस्जिद और बिल्किस जहां मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों में तय वक़्त पर नमाज़ अदा की गई। लोग परम्परागत कपड़ों में सज-धज कर खुदा के सामने सजदा करने पहुँचे और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। हर मस्जिद में भाईचारे का एक जैसा नज़ारा दिखाई दिया।
अमन, इंसाफ़ और बारिश की दुआएँ-नमाज़ के बाद शहर काज़ी ने देश में अमन और इंसाफ़ की दुआ की। साथ ही लोगों ने अच्छी बारिश के लिए भी रब से फरियाद की। नमाज़ के दौरान नफ़रत के ख़िलाफ़ और मोहब्बत के हक़ में आवाज़ें उठीं, जो इस त्योहार के असली मक़सद को दर्शाती हैं – सिर्फ़ कुर्बानी ही नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना भी।
बुज़ुर्गों के बताए रास्ते पर चलने की अपील-ताजुल मसाजिद में मौलाना हसन साहब ने सूफ़ियों और ऋषि-मुनियों के बताए रास्ते पर चलने की दुआ की। साथ ही मुल्क की सरहदों की हिफ़ाज़त और देश के दुश्मनों से बचाव के लिए भी रब से फरियाद की गई। बकरीद के इस मौक़े पर दिल से निकली ये दुआएँ हर किसी को जोड़ती हुई नज़र आईं।



