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ईरान-इजराइल युद्ध और बढ़ा: मिसाइल हमले, बातचीत की खबरें और खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव

युद्ध के बीच बातचीत की अफवाहें, पर सच्चाई पर सवाल-मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच मंगलवार को ईरान और इजराइल के बीच हमलों की खबरें आईं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन ईरान ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस बीच स्थिति और जटिल होती जा रही है।

बातचीत की अफवाहें और ईरान का खंडन-ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ने अमेरिकी दावों को “फेक न्यूज” बताया और कहा कि इसका मकसद बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित करना है। इससे साफ है कि सिर्फ जंग ही नहीं, सूचना के स्तर पर भी भ्रम फैला हुआ है, जो स्थिति को और पेचीदा बना रहा है।

ट्रंप ने बढ़ाई समयसीमा, तेल बाजार में हलचल-अमेरिका ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने के लिए जो समयसीमा दी थी, उसे ट्रंप ने कुछ दिन बढ़ा दिया। इससे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई और शेयर बाजार में राहत दिखी। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिर से 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं, जो इस संघर्ष का असर दर्शाती हैं।

इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते हमले-मंगलवार सुबह ईरान ने इजराइल पर तीन मिसाइल हमले किए, खासकर उत्तरी इलाकों में। इजराइल ने भी बेरूत के दक्षिणी हिस्सों पर हवाई हमले कर जवाब दिया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ये हमले जारी रहेंगे, जिससे तनाव और बढ़ने के संकेत मिलते हैं।

खाड़ी क्षेत्र में भी फैलता युद्ध का असर-यह संघर्ष अब सिर्फ ईरान-इजराइल तक सीमित नहीं रहा। कुवैत में मिसाइल हमले से बिजली गुल हो गई, बहरीन में सायरन बजे और सऊदी अरब ने 19 ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया। इससे पता चलता है कि पूरा खाड़ी क्षेत्र इस जंग की चपेट में आ चुका है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बना तनाव-स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका चाहता है कि यह रास्ता खुला रहे, लेकिन ईरान ने इसे सीमित जहाजों के लिए ही खोल रखा है। ईरान ने साफ कहा है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के जहाजों को निशाना बनाता रहेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई खतरे में है।

अमेरिका की सैन्य तैयारी और बढ़ती चिंता-अमेरिका इस क्षेत्र में हजारों मरीन सैनिक भेज रहा है, जिससे यह आशंका बढ़ रही है कि वह ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है, जो ईरान के तेल नेटवर्क के लिए अहम है। हालांकि ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल जमीनी सैनिक भेजने की योजना नहीं है, लेकिन इसे पूरी तरह से नकारा भी नहीं गया है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

बढ़ता मौत का आंकड़ा और मानवीय संकट-इस संघर्ष में अब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। ईरान में 1500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल में भी 15 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 13 अमेरिकी सैनिक और कई आम नागरिक भी इस जंग की भेंट चढ़े हैं। यह आंकड़े इस युद्ध के मानवीय संकट को दर्शाते हैं।

आगे क्या हो सकता है?-विशेषज्ञों का मानना है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। बातचीत की बातें तो हो रही हैं, लेकिन हमले भी लगातार जारी हैं। अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह बंद हो जाता है या बड़े सैन्य कदम उठाए जाते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। फिलहाल पूरी दुनिया इस संघर्ष के अगले कदम पर नजर रखे हुए है।

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