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JK लक्ष्मी सीमेंट का मुनाफा दोगुना, उदयपुर सीमेंट वर्क्स के मर्जर से कारोबार में आई नई तेजी

JK लक्ष्मी सीमेंट: जून तिमाही में धमाकेदार मुनाफा!-JK लक्ष्मी सीमेंट ने 2025-26 की पहली तिमाही में शानदार शुरुआत की है! उनका मुनाफा पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा बढ़ गया है! आइए, इस सफलता की कहानी को विस्तार से समझते हैं।

 दोगुना मुनाफा: कैसे हुई ये कामयाबी?-कंपनी का कुल मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 149.88 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल जून में केवल 56.68 करोड़ रुपये था। ये जबरदस्त बढ़ोतरी बिक्री में इजाफे और खर्चों पर अच्छी कंट्रोल के कारण हुई है। कुल आय में भी 11.8% की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 1,576.96 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,763.14 करोड़ रुपये हो गई। ये सफलता कंपनी की बेहतर योजनाओं और मेहनत का नतीजा है। बढ़ती बिक्री और लागत पर नियंत्रण, दोनों ने ही मुनाफे में योगदान दिया है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है और बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है।

 बिक्री में उछाल और लागत प्रबंधन-कंपनी की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर विनिता सिंघानिया ने बताया कि ज़्यादा बिक्री, बेहतर उत्पाद और ईंधन की कीमतों में कमी से मुनाफा बढ़ा है। जून तिमाही में 3,326 लाख टन सीमेंट की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 10% ज़्यादा है। हालाँकि, कुल खर्च में भी 6.68% की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी नियंत्रित रही, जिससे मुनाफे पर इसका असर कम हुआ। यह दर्शाता है कि कंपनी ने अपने खर्चों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया है और मुनाफे को अधिकतम करने पर ध्यान केंद्रित किया है। यह एक ऐसी रणनीति है जो दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

 उदयपुर सीमेंट वर्क्स के साथ विलय: एक नई शुरुआत-JK लक्ष्मी सीमेंट ने अपनी सहायक कंपनी उदयपुर सीमेंट वर्क्स लिमिटेड के साथ विलय कर लिया है। इस विलय से कंपनी की भारतीय सीमेंट बाजार में पकड़ और मजबूत हुई है। इससे कामकाज आसान होगा, खर्च कम होंगे, और मुनाफा बढ़ेगा। साथ ही, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, बेहतर सप्लाई चेन, और ग्राहकों तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकेगी। यह एक रणनीतिक कदम है जिससे कंपनी को बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी और उसकी वृद्धि को गति मिलेगी। इस विलय से कंपनी की उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हुआ है जिससे भविष्य में मांग को पूरा करने में आसानी होगी।

 NCLT से मिली मंजूरी और बढ़ी क्षमता-नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इस विलय को मंजूरी दे दी है, जो 31 जुलाई 2025 से लागू हो गया है। अब कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता लगभग 16.5 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी आने वाले समय में बढ़ती मांग को आसानी से पूरा कर पाएगी और बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करेगी। यह बढ़ी हुई क्षमता कंपनी को बड़े ऑर्डर लेने और बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगी। इससे कंपनी की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता में भी वृद्धि होगी।

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