डॉलर के मुकाबले रुपये में हल्की बढ़त, जानिए किन वजहों से हो रहा असर

रुपये ने दिखाई तेजी: क्या है पूरा हाल?-सोमवार की सुबह भारतीय रुपये में थोड़ी तेजी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे मजबूत होकर 87.50 पर पहुँच गया। ये बढ़त ऐसे समय में आई है जब निवेशक अमेरिका और रूस के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत पर नज़र गड़ाए हुए हैं।
सुबह का कारोबार: रुपये की शुरुआती चाल-सोमवार को इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये ने 87.56 से शुरुआत की और जल्द ही 87.50 तक पहुँच गया, जो पिछले दिन के बंद भाव से 8 पैसे ज़्यादा था। शुक्रवार को रुपये में उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार 87.58 पर बंद हुआ था। इस बीच, कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमत में 0.48% की गिरावट आई और यह 66.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत को दर्शाता है, 0.11% कम होकर 98.07 पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति का असर-फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के हेड ऑफ ट्रेजरी, अनिल कुमार भंसाली का मानना है कि 15 अगस्त को होने वाली अमेरिका-रूस वार्ता से भारत को राहत मिल सकती है। अगर युद्धविराम होता है, तो अमेरिका भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को हटा सकता है। भारत ने इस वार्ता का स्वागत किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से कहा है कि यह युद्ध का समय नहीं है। भारत लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को बातचीत से सुलझाने की अपील कर रहा है।
RBI की भूमिका और व्यापारियों की रणनीति-भंसाली के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये की कमजोरी को रोकने के लिए डॉलर बेच रहा है। इस स्थिति में, निर्यातक अपने भुगतान जल्दी बेच सकते हैं, जबकि आयातक दिन के निचले स्तर पर खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है। 1 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में भंडार 9.322 अरब डॉलर घटकर 688.871 अरब डॉलर रह गया। यह हाल के समय की सबसे बड़ी गिरावट है।
शेयर बाजार में भी तेजी-सोमवार सुबह घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखी गई। सेंसेक्स 104.84 अंक बढ़कर 79,962.63 पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी 55.85 अंक बढ़कर 24,419.15 पर पहुँच गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी लंबे समय बाद शेयरों की खरीदारी की। शुक्रवार को FII ने 1,932.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।



