फिर से लौट रहा है कोरोना! जानिए देश में कहां-कहां बढ़े केस और कैसे रहें सतर्क

कोरोना की वापसी: क्या फिर से बढ़ेगा खतरा?-देश में कोरोना के मामलों में फिर से इजाफा देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक कई राज्यों में नए मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कहाँ कितने मामले?-हाल ही में कई राज्यों में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। गुजरात में 15, हरियाणा में 3, केरल में 182 (मई में), कर्नाटक में 16 और उत्तर प्रदेश में 4 नए मामले सामने आए हैं। यह चिंताजनक है क्योंकि यह दर्शाता है कि वायरस अभी भी सक्रिय है। चिंता की बात यह भी है कि इनमें एक नौ महीने का बच्चा भी शामिल है।
दिल्ली में अलर्ट-दिल्ली में लगभग तीन साल बाद कोरोना के मामले सामने आए हैं। दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने और ऑक्सीजन, दवाइयाँ और वैक्सीन का स्टॉक करने के निर्देश दिए हैं। सरकार यह पता लगाने में जुटी हुई है कि ये मामले स्थानीय हैं या बाहर से आए हैं।
कौन सा वैरिएंट है जिम्मेदार?-इस बार कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट JN.1 और इसके सब-वैरिएंट LF.7 और NB.1.8 संक्रमण के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। यह वैरिएंट पहले से ज़्यादा तेज़ी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण हल्के होते हैं जैसे बुखार, खांसी और गले में खराश। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया है।
बूस्टर डोज़ की अहमियत-बूस्टर डोज़, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए, बहुत ज़रूरी है। XBB.1.5 बूस्टर वैक्सीन JN.1 वैरिएंट के खिलाफ कुछ सुरक्षा प्रदान कर सकती है। अगर आपने पिछली डोज़ को छह महीने से ज़्यादा समय हो गया है या आप ऐसे देशों की यात्रा कर रहे हैं जहाँ केस बढ़ रहे हैं, तो बूस्टर डोज़ लेना ज़रूरी है।
खुद को कैसे बचाएँ?-हमें फिर से सावधानी बरतने की ज़रूरत है। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, हाथों को नियमित रूप से साफ़ करें, खांसते या छींकते समय मुँह ढकें, और लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएँ। विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो और भी ज़्यादा सतर्क रहें।हालाँकि यह लहर पहली या दूसरी लहर की तरह गंभीर नहीं है, लेकिन लापरवाही करना खतरनाक हो सकता है। वैक्सीन लगवाने और स्वस्थ रहने से आप खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन सतर्कता बहुत ज़रूरी है। कोविड अभी ख़त्म नहीं हुआ है, और सावधानी बरतकर ही हम इसे फिर से फैलने से रोक सकते हैं।



