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नेपाल में भीषण बारिश का कहर: कोशी प्रांत में भूस्खलन से 14 की मौत, बचाव अभियान में मुश्किलें बढ़ीं

नेपाल में भारी बारिश का कहर: तबाही और बचाव कार्य

नेपाल में मानसून का प्रकोप, जानें क्या है हाल-हाल ही में, नेपाल के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन हुआ, जिससे कम से कम 14 लोगों की दुखद मौत हो गई। इस आपदा ने एक बार फिर दिखाया है कि प्रकृति का कहर कितना विनाशकारी हो सकता है।

भूस्खलन से तबाह हुए इलाके: मौत का तांडव-भारी बारिश के कारण कोशी प्रांत के कई इलाकों में भूस्खलन हुआ, जिससे कई घर मलबे में दब गए। इलाम जिले के सूर्यदय नगरपालिका के मानेभन्यांग में 5 लोगों की जान चली गई, जबकि अन्य 9 लोगों की मौत पाटेगांव, मानसेबुंग, ड्यूमा, धुसुनी, रतमाटे और घोसांग जैसे इलाकों में हुई। कई लोग अभी भी लापता हैं, जिससे उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। स्थानीय पुलिस और बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

सेना का बचाव अभियान: मुश्किलों से जूझते जवान-स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नेपाल सेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। सेना ने हेलिकॉप्टर भेजे हैं और जमीनी स्तर पर जवानों की तैनाती की है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम ने राहत कार्यों में बाधा डाली है। घने बादलों और पहाड़ी इलाकों में फिसलन के कारण बचाव दलों को कई बार रुकना पड़ रहा है।

मानसून का कहर: पांच प्रांतों में अलर्ट-मौसम विभाग के अनुसार, नेपाल के 7 में से 5 प्रांतों — कोशी, मधेश, बागमती, गंडकी और लुंबिनी — में इस समय मानसून पूरी तरह सक्रिय है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

दहशत में लोग: प्रशासन की सतर्कता-बारिश और भूस्खलन की वजह से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन ने अस्थायी राहत शिविर तैयार किए हैं और स्थानीय निकायों को पूरी सहायता देने का भरोसा दिलाया है। इलाम और आसपास के क्षेत्रों में बिजली और सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जिससे संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राहत दल प्रभावित इलाकों में पहुंचने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

आपदा से निपटने की तैयारी-नेपाल में हर साल मानसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती हैं। इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। कोशी प्रांत में हुई यह त्रासदी एक बार फिर दिखाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए नेपाल को और मजबूत आपदा प्रबंधन की जरूरत है। सरकार, सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम में सुधार होगा और प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से आगे बढ़ पाएंगे।

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