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Chhattisgarh

जीएसटी की कार्रवाई में बड़ा खुलासा: 20 करोड़ की टैक्स चोरी, आरोपी अंकित सिंह गिरफ्तार

करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा: सिर्फ एक गिरफ्तारी, पर खेल बड़ा!

शुरुआती भ्रम का अंत: केवल एक आरोपी हिरासत में!-स्टेट जीएसटी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच शुरू से ही कई तरह की खबरें उड़ रही थीं। पहले तो यह बात फैली कि विभाग की टीम ने दो लोगों को पकड़ा है, लेकिन अब सूत्रों से पक्की खबर आई है कि गिरफ्तार होने वाले सिर्फ अंकित सिंह हैं। तो, गिरफ्तारी की संख्या को लेकर जो भी कन्फ्यूजन था, वो अब पूरी तरह से दूर हो गया है। यह स्पष्ट हो गया है कि इस मामले में अभी तक केवल एक ही व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जिससे अटकलों का बाजार शांत हो गया है।

अंकित सिंह: कई कंपनियों के पीछे का चेहरा-जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपी अंकित सिंह असल में तीन अलग-अलग कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर काम कर रहा है। इन कंपनियों के नाम महावीर मोल्ड, पशुपति लोहा और जय बजरंग हैं। सूत्रों का कहना है कि जब इन कंपनियों के पूरे हिसाब-किताब और कागजात की बारीकी से जांच की गई, तब जाकर टैक्स चोरी का यह बड़ा मामला सामने आया। ऐसा लगता है कि इन फर्मों के माध्यम से काफी बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं।

20 करोड़ की टैक्स चोरी का प्रारंभिक खुलासा-स्टेट जीएसटी टीम की शुरुआती जांच में जो कागजात मिले हैं, उनके आधार पर अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का पता चला है। यह आंकड़ा सिर्फ पिछले एक से डेढ़ साल के रिकॉर्ड्स पर आधारित है। अधिकारियों का यह भी मानना है कि जैसे-जैसे और भी फाइलों की जांच होगी, यह रकम काफी बढ़ सकती है। यह शुरुआती खुलासा ही दिखाता है कि मामला कितना गंभीर है और आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

50 करोड़ से ऊपर जाने की आशंका, जांच तेज!-सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब सभी दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच की जाएगी, तो टैक्स चोरी का यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपये से भी ऊपर जा सकता है। यह साफ तौर पर इशारा करता है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खेल खेला गया है। इसी वजह से, जांच दल ने अपनी कार्रवाई की गति को और भी तेज कर दिया है ताकि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आ सके।

मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन से जुड़ाव: क्या था कनेक्शन?-अंकित सिंह का नाम मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के एक पूर्व पदाधिकारी के तौर पर भी सामने आया है। इससे यह बात साफ हो जाती है कि आरोपी का इस उद्योग जगत से काफी गहरा नाता रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि उसने अपने इसी अनुभव और संपर्कों का इस्तेमाल करके इस तरह की गड़बड़ी को अंजाम दिया है। जांच टीम इस एंगल पर भी गहराई से विचार कर रही है कि कहीं उसके पद और पहुंच का दुरुपयोग तो नहीं किया गया।

परिवार की भूमिका की भी हो रही जांच-फिलहाल, जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी किसी कंपनी में डायरेक्टर के तौर पर जुड़े हुए हैं। अधिकारियों को इस बात का शक है कि टैक्स चोरी का यह जाल सिर्फ अंकित सिंह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संभव है कि उसके परिवार के दूसरे सदस्य भी इस खेल में शामिल हों। इस दिशा में भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि सभी संभावित सहभागियों का पता लगाया जा सके।

पर्दा उठेगा जब जांच होगी पूरी!-अभी जीएसटी विभाग की जांच का काम चल रहा है और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। शुरुआती जांच ने ही करोड़ों की टैक्स चोरी का सच सामने ला दिया है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि जब पूरी जांच खत्म हो जाएगी, तब टैक्स चोरी का अंतिम आंकड़ा कितना बड़ा निकलता है। इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए विभाग पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

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