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Macron India Tour 2026: मैक्रों की भारत यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-फ्रांस रिश्ते, जानिए पूरा प्लान

मैक्रों का भारत दौरा 2026: मोदी से ‘क्षितिज 2047’ पर बड़ी बातचीत, मुंबई में इनोवेशन ईयर और दिल्ली में AI समिट- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। विदेश मंत्रालय ने इसे हाई-प्रोफाइल और काफी अहम यात्रा बताया है। माना जा रहा है कि तीन दिन के इस कार्यक्रम से भारत-फ्रांस के रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई ताकत मिलेगी। पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेज हुआ है और यह दौरा उसी सिलसिले में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

1) तीन दिन की हाई-प्रोफाइल यात्रा, रिश्तों को मिलेगा नया जोर- यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहने वाला। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मैक्रों की मौजूदगी में कई अहम मुद्दों पर ठोस बातचीत होगी। भारत और फ्रांस पहले से रणनीतिक साझेदार हैं, ऐसे में यह विजिट भरोसा, तालमेल और आगे की योजनाओं को और मजबूत करने का मौका बनेगी।

2) ‘क्षितिज 2047 रोडमैप’ पर फोकस, भविष्य की दिशा तय होगी- विदेश मंत्रालय ने बताया कि मैक्रों और मोदी ‘क्षितिज 2047 रोडमैप’ के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इस रोडमैप में रक्षा, टेक्नोलॉजी, व्यापार और भारत-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी जैसे बड़े मुद्दे शामिल हैं। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर भी दोनों नेता अपने-अपने नजरिए साझा करेंगे।

3) मुंबई में ‘India-France Year of Innovation’ की शुरुआत-इस दौरे में मुंबई में मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी मिलकर ‘India-France Year of Innovation’ लॉन्च करेंगे। यह पहल पूरे 2026 में दोनों देशों में चलेगी। इसका मकसद स्टार्टअप, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े सहयोग को बढ़ाना है, ताकि युवाओं और टेक कंपनियों को नए मौके मिल सकें।

4) 19 फरवरी को दिल्ली में AI Impact Summit में मैक्रों की भागीदारी-19 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में होने वाले ‘AI Impact Summit’ में हिस्सा लेंगे। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक असर पर बातचीत होगी। नीति, सुरक्षा, जिम्मेदार एआई और टेक्नोलॉजी गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा आने वाले समय के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

5) मोदी की फ्रांस यात्रा (फरवरी 2025) के बाद अगला बड़ा कदम-विदेश मंत्रालय के अनुसार, मैक्रों का यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 की फ्रांस यात्रा के बाद हो रहा है। उस समय कई समझौतों और सहयोग योजनाओं पर सहमति बनी थी। अब मैक्रों का भारत आना उसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का संकेत है, ताकि फैसले जमीन पर तेजी से उतर सकें।

6) रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु—कई मोर्चों पर साझेदारी और गहरी होगी-भारत और फ्रांस का सहयोग सिर्फ एक-दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। रक्षा, अंतरिक्ष मिशन, असैन्य परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर दोनों देश साथ काम कर रहे हैं। यह यात्रा इन सभी क्षेत्रों में तालमेल को और मजबूत बनाने का मौका देगी।

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