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बाजार में गिरावट: Sensex और Nifty ने खोए शुरुआती व्यापार में अंक

शेयर बाज़ार में गिरावट: विदेशी निवेश और वीज़ा नियमों का असर!

आज सुबह शेयर बाज़ार में मायूसी छाई रही।-आज बुधवार की सुबह शेयर बाज़ार की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही। ऐसा लगता है कि विदेशी निवेशकों का पैसा भारतीय बाज़ार से निकल रहा है और अमेरिका में H-1B वीज़ा की फीस बढ़ने की खबर ने भी लोगों का हौसला थोड़ा कम कर दिया है। इसी वजह से, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 380.48 अंक नीचे चला गया और 81,721.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 106.45 अंक गिरकर 25,063.05 पर पहुँच गया। ये सब देखकर ऐसा लग रहा है कि बाज़ार थोड़ा सुस्त है और निवेशक थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं।

कौन से शेयर चढ़े और कौन से गिरे?-सेंसेक्स में शामिल बड़े शेयरों में से टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टीसीएस, एक्सिस बैंक, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे शेयर आज घाटे में चल रहे थे। दूसरी तरफ, ट्रेंट, एनटीपीसी, एसबीआई और एशियन पेंट्स जैसे कुछ शेयर बाज़ार को थोड़ा सहारा देते हुए नज़र आए। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कल यानी मंगलवार को करीब 3,551.19 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए, जिससे बाज़ार पर दबाव बढ़ा है। यह स्थिति उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है जो विदेशी बाज़ारों की उठापटक और अचानक होने वाले नीतिगत बदलावों से परेशान हैं।

दुनिया भर के बाज़ारों का हाल-एशियाई बाज़ारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 आज कमजोर दिखाई दिए। वहीं, शंघाई का एस.एस.ई. कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हल्के फायदे में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाज़ार भी कल यानी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ में 50% की बढ़ोतरी और 1,00,000 डॉलर की H-1B वीज़ा फीस बढ़ाने के फैसले का भारतीय पेशेवरों और निवेशकों के हौसले पर बुरा असर पड़ा है। इन फैसलों से लोगों को लग रहा है कि भविष्य में उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

निवेशकों की चिंता और बाज़ार का मिजाज-आजकल दुनिया भर के बाज़ारों में जो अनिश्चितता चल रही है और चीज़ों के दाम बहुत ज़्यादा बढ़ गए हैं, वो निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का सबब बन गए हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी. के. विजयकुमार का कहना है कि शेयर, सोना, चांदी और बिटकॉइन जैसी चीज़ों के दाम पहले से ही बहुत ऊँचे हैं। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने भी महंगाई और रोज़गार को लेकर कुछ जोखिमों की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले समय में नई नीतियों को लागू करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, जिससे बाज़ार में और भी अनिश्चितता बढ़ सकती है।

तेल की कीमतें और बाज़ार का अंतिम नज़ारा-आज ब्रेंट क्रूड तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 0.28% बढ़कर 67.82 डॉलर प्रति बैरल हो गई। कल के कारोबार में सेंसेक्स 57.87 अंक गिरकर 82,102.10 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 32.85 अंक टूटकर 25,169.50 पर रहा था। अभी निवेशक अमेरिकी नीतियों और दुनिया भर के बाज़ारों की चाल पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। दलाल स्ट्रीट के निवेशक अभी भी विदेशी टैरिफ और H-1B वीज़ा से जुड़े फैसलों के असर को लेकर थोड़े चिंतित हैं और आगे क्या होगा, इस पर नज़र बनाए हुए हैं।

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