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तेल की कीमतों में उछाल से बाजार में हलचल: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट, निवेशकों की बढ़ी चिंता

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने शेयर बाजार में मचाई हलचल
तेल की कीमतों में उछाल से बाजार का माहौल तनावपूर्ण-पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है, खासकर तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की चिंता बढ़ी और बाजार में दबाव साफ नजर आया।

तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट-हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर करीब 3.10 प्रतिशत नीचे बंद हुए, भारत पेट्रोलियम के शेयर 2.19 प्रतिशत और इंडियन ऑयल के शेयर 1.69 प्रतिशत गिर गए। गुरुवार को थोड़ी तेजी के बाद शुक्रवार को फिर से ये शेयर नीचे आए, जिससे बाजार में नकारात्मक माहौल बना।

पेंट कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा असर-तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पेंट कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा। इंडिगो पेंट्स के शेयर 3.41 प्रतिशत, कंसाई नेरोलैक 2.75 प्रतिशत और एक्जो नोबेल इंडिया के शेयर 2.43 प्रतिशत गिर गए। एशियन पेंट्स में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उछाल-अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 4.62 प्रतिशत बढ़कर 89.36 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। तेल की कीमतों में इस तरह की तेजी का असर शेयर बाजार और तेल से जुड़ी कंपनियों पर तुरंत दिखता है, जिससे निवेशकों में अस्थिरता बढ़ती है।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट-तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 1,097 अंक यानी 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 315.45 अंक यानी 1.27 प्रतिशत नीचे आकर 24,450.45 पर बंद हुआ, जिससे बाजार की कमजोरी साफ नजर आई।

पश्चिम एशिया में तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता-पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और तनाव बढ़ गया है, जो तेल की कीमतों को भी प्रभावित कर रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में इस तेजी ने न सिर्फ तेल कंपनियों के शेयरों को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे शेयर बाजार में नकारात्मक प्रभाव डाला है। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

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