“मनोदर्पण” से संवरेंगे मन, नई पीढ़ी होगी सशक्त : डॉ. संजय गोयल

भोपाल : एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा स्कूली विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रीय जागरूकता अभियान “मनोदर्पण” के अंतर्गत दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल में किया गया। यह कार्यशाला एनसीईआरटी द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जा रही श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश दूसरा राज्य है, जहाँ यह राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की गई। डॉ. संजय गोयल ने कहा कि “मनोदर्पण” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन को समझने और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने की एक प्रभावी पहल है। उन्होंने कहा कि आगामी शिक्षण सत्र के पहले दिन ही सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाएंगी तथा कक्षा 6वीं एवं 9वीं के विद्यार्थियों को प्रथम दिवस ही साइकिल प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सतत प्रयासों से प्रदेश में GER में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नामांकन दर बढ़ी है तथा ड्रॉपआउट रेट में लगातार कमी आई है।
डॉ. गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्कूलों में संचालित “उमंग कार्यक्रम” भी विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो मनोदर्पण के उद्देश्यों के अनुरूप है और जिसका क्रियान्वयन प्रदेश के सभी विद्यालयों में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल के प्राचार्य डॉ. एस.के. गुप्ता तथा पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के संयुक्त निदेशक प्रो. पालीवाल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।



