संसद का मानसून सत्र फिर हंगामे की आग में, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

जीरो आवर में बीजेपी सांसद का राहुल गांधी पर गंभीर आरोप- गुरुवार को लोकसभा के जीरो आवर में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देशविरोधी ताकतों के साथ काम करने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विपक्ष ने तीखा विरोध जताया, सदन में बढ़ा तनाव- निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर विपक्षी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे वापस लेने की मांग की। विरोध इतना तेज था कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो गया और हंगामा बढ़ता गया, जिससे माहौल गरमाया।
टीडीपी सांसद की अध्यक्षता में कार्यवाही स्थगित- सदन की अध्यक्षता कर रहे टीडीपी नेता कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने लगातार बढ़ते हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करने का फैसला लिया। इससे पहले भी दिन में एक बार कार्यवाही रोक दी गई थी।
प्रश्नकाल भी नहीं चल सका, दोपहर तक टली कार्यवाही-प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने इंडिया-अमेरिका व्यापार समझौते और श्रम कानूनों को लेकर नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे साफ हुआ कि राजनीतिक मुद्दों पर सदन में सहमति बनाना मुश्किल हो रहा है।
लगातार बाधित हो रही संसदीय कार्यवाही-गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही दो बार बाधित हुई, पहले प्रश्नकाल के दौरान और फिर जीरो आवर में। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का असर संसद की कार्यवाही पर साफ दिखा, जिससे कानून बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
यह लेख आपको संसद के मानसून सत्र में हुए हंगामे और स्थगित हुई कार्यवाही की पूरी जानकारी देता है। राजनीतिक विवादों के बीच संसद की कार्यवाही पर पड़ रहे असर को समझना जरूरी है, क्योंकि यह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।



