MP Weather Update: मई में गर्मी की जगह बारिश! जानिए आपके जिले का हाल

मध्य प्रदेश: मई की मस्ती या मौसम की मार?-मध्य प्रदेश में इस बार मई का महीना कुछ अलग ही रंग दिखा रहा है। गर्मी की उम्मीद में लोग थे, लेकिन बारिश और आंधी ने सबको चौंका दिया है। आइए, विस्तार से जानते हैं मौसम के इस मिजाज के बारे में।
बारिश ने गिराया पारा, किसानों की बढ़ी चिंता-बुधवार को कई इलाकों में तेज बारिश और ओले गिरे। लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। सीहोर में तो ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का डर है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ दिन और ऐसा ही मौसम रह सकता है। बारिश से राहत तो मिली, लेकिन किसानों के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है। आने वाले दिनों में फसलों को होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
आंधी-पानी का कहर, कुछ जगहों पर लू का प्रकोप-
कई जिलों में बुधवार को दोपहर में धूप खिली, लेकिन शाम होते-होते बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। सीहोर में ओले गिरे, विदिशा और रतलाम में आंधी चली, और भोपाल-इंदौर में हल्की बारिश हुई। बालाघाट, छिंदवाड़ा, धार, रायसेन और रीवा में भी बारिश हुई। दूसरी तरफ, ग्वालियर-चंबल अंचल में लू का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने लू से बचने की सलाह दी है।
खजुराहो में सबसे ज़्यादा गर्मी, तापमान 46 डिग्री पार-बारिश से राहत मिली, लेकिन कुछ इलाके अभी भी गर्मी से जूझ रहे हैं। खजुराहो में तापमान 46 डिग्री तक पहुँच गया। नौगांव, टीकमगढ़, गुना और शिवपुरी में भी तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहा। सतना और दमोह में 42-43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बिल्कुल अलग है। एक तरफ बारिश से राहत, तो दूसरी तरफ भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं लोग।
मौसम विभाग का अलर्ट, कई जिलों में बारिश की चेतावनी-गुरुवार को भी कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, और हरदा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सीधी, विदिशा, देवास और धार में भी बारिश की संभावना है। घर से निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर देखें। मौसम का मिजाज बदल रहा है, इसलिए सावधानी बरतना ज़रूरी है।
नौतपा और मानसून का अनुमान-25 मई से 2 जून तक नौतपा है। बारिश के कारण इनकी तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन जून में फिर गर्मी बढ़ सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून 15 जून तक आ सकता है। अरब सागर में बने सिस्टम और ट्रफ लाइन से वातावरण में नमी बढ़ी है। नौतपा और मानसून, दोनों ही मौसम के मिजाज को बदल सकते हैं। किसानों और आम लोगों के लिए ये समय महत्वपूर्ण है।



