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वायनाड भूस्खलन के बाद नई उम्मीद: फरवरी में 300 घर सौंपेगी केरल सरकार

वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए केरल सरकार का बड़ा पुनर्वास प्रोजेक्ट: फरवरी तक 300 घरों का लक्ष्य- पुनर्वास का पहला चरण: 300 घर फरवरी तक तैयार, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास का पहला चरण फरवरी महीने तक पूरा कर लगभग 300 घर सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रभावित परिवारों को जल्द ही राहत मिलेगी और वे सुरक्षित आवास में रह सकेंगे।

एल्स्टन एस्टेट में बन रहा सुरक्षित टाउनशिप- ये घर कल्पेट्टा बायपास के पास एल्स्टन एस्टेट की जमीन पर बनाए जा रहे हैं। यह टाउनशिप खासतौर पर मुंडक्कई-चूरलमाला भूस्खलन प्रभावित परिवारों के लिए तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें स्थायी और सुरक्षित आवास मिल सके।|

तेजी से चल रहा निर्माण कार्य-मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्य बहुत तेजी से हो रहा है। इसमें सुरक्षा, गुणवत्ता और टिकाऊपन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि परिवारों को सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन भी मिल सके।

सिर्फ घर नहीं, जीवन को नया रूप देने की कोशिश-यह परियोजना केवल घर बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन परिवारों की जिंदगी को फिर से पटरी पर लाना है जो इस आपदा से पूरी तरह प्रभावित हुए थे। इस टाउनशिप में कुल 410 घर बनाए जाएंगे।

हर सुविधा एक ही जगह उपलब्ध होगी-इस टाउनशिप में भूमिगत बिजली, बड़े टैंक से पीने का पानी, अंदरूनी सड़कें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, सामुदायिक भवन, बाजार, खेल के मैदान और कचरा प्रबंधन जैसी सभी जरूरी सुविधाएं होंगी ताकि लोगों को किसी भी चीज की कमी न हो।

सोलर पावर और पानी की अलग व्यवस्था- हर घर में सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा और पीने के पानी के लिए अलग स्टोरेज टैंक भी होगा। सरकार चाहती है कि लोग ऊर्जा और पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनें और भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं-निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट, रेत और स्टील की कड़ी जांच की जा रही है। साइट पर बनी लैब और थर्ड पार्टी एजेंसियां गुणवत्ता की जांच करती हैं, तभी अगले चरण का काम शुरू होता है।

पांच साल तक निर्माण दोषों की गारंटी-ठेकेदारों को पांच साल तक निर्माण दोषों के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इसका मतलब है कि अगर भविष्य में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी।

1600 मजदूर दिन-रात जुटे हैं काम में-करीब 1600 मजदूर इस परियोजना पर लगातार काम कर रहे हैं। कई घरों की छतें बन चुकी हैं, सड़कों और पानी के टैंकों का काम भी तेजी से पूरा हो रहा है, जिससे प्रोजेक्ट समय पर पूरा होने की उम्मीद है।

‘बिल्ड बैक बेटर’ नीति पर आधारित पुनर्वास-यह परियोजना सरकार की ‘बिल्ड बैक बेटर’ नीति पर आधारित है, जिसका मकसद है कि आपदा प्रभावित परिवारों को पहले से बेहतर और सुरक्षित आवास मिले ताकि भविष्य में नुकसान कम हो।

आवास को बुनियादी अधिकार मानती सरकार-मुख्यमंत्री ने LIFE मिशन जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि केरल सरकार आवास को बुनियादी अधिकार मानती है। अब तक LIFE मिशन के तहत 4,76,076 घर बनाए जा चुके हैं।

फरवरी तक 5 लाख घर पूरे करने का लक्ष्य- फरवरी तक यह संख्या 5 लाख तक पहुंच जाएगी। फिलहाल 1,24,471 घर निर्माणाधीन हैं। सरकार का उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित और स्थायी घर मिले।

 

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