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भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्मजोशी: अगले 1-2 साल में डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के संकेत, बोले अमेरिकी राजदूत

टैरिफ तनाव के बीच भारत-अमेरिका रिश्तों में नई उम्मीद की किरण-भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर जारी खींचतान के बावजूद अब रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के हालिया बयान ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके अनुसार, अगले एक-दो साल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत का दौरा कर सकते हैं, जो द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा दे सकता है।

‘भारत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है’-सर्जियो गोर ने कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में काम करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने भारत की विविधता, लोकतांत्रिक परंपराओं और वैश्विक भूमिका की प्रशंसा की। उनके मुताबिक, भारत-अमेरिका संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि साझा मूल्यों और भरोसे पर आधारित हैं।

भारत-अमेरिका रिश्तों का नया दौर: ‘नेक्स्ट फेज’-गोर ने बताया कि अब दोनों देशों की दोस्ती पारंपरिक साझेदारी से आगे बढ़ चुकी है। रक्षा, तकनीक, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। यह साझेदारी अब वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा से भी जुड़ चुकी है।

डोनाल्ड ट्रंप के संभावित दौरे का महत्व-राजदूत के अनुसार, अगले एक-दो साल में ट्रंप का भारत दौरा संभव है। यह दौरा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिसमें रक्षा सौदे, व्यापार समझौते और रणनीतिक सहयोग पर बड़े फैसले हो सकते हैं। इससे राजनीतिक भरोसा मजबूत होगा और वैश्विक स्तर पर साझेदारी को नई गति मिलेगी।

अमेरिका चाहता है भारत के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद रिश्ता-सर्जियो गोर ने दोहराया कि अमेरिका भारत को एक भरोसेमंद दीर्घकालिक साझेदार मानता है। टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा। अमेरिका भारत को वैश्विक मंच पर एक अहम ताकत मानते हुए साथ काम करना चाहता है, जो दोनों देशों और दुनिया के लिए फायदेमंद होगा।

 

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