छत्तीसगढ़ में अब दवाइयां मिलेंगी तय रेट पर: सरकार ने 331 मेडिकल स्टोर्स का किया निरीक्षण, 21 पर कार्रवाई शुरू

छत्तीसगढ़ में सस्ती दवाएं: आम आदमी को राहत-छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों को किफायती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल की है। यह कदम राज्य के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है।
सख्त कार्रवाई: दवाओं की कीमतों पर नजर-2024-25 में, सरकार ने 331 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इसमें 21 दुकानें ऐसी मिलीं जहाँ दवाओं की कीमतें तय कीमत से ज़्यादा वसूली जा रही थीं। इन दुकानों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के दिशानिर्देशों के अनुसार की गई। सरकार की इस सख्ती से दवा विक्रेताओं में भी डर बना हुआ है जिससे आम आदमी को फायदा हो रहा है।
CGPMRU: कीमतों पर नज़र रखने वाली चौकसी-छत्तीसगढ़ में दवाओं की कीमतों की निगरानी CGPMRU (मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाई) करती है। 2021 में शुरू हुई इस इकाई का काम है कि आम लोगों को ज़रूरी दवाएँ तय कीमत पर मिलें। CGPMRU नियमित रूप से मेडिकल स्टोरों की जाँच करती है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करती है। इससे दवाओं की कालाबाज़ारी पर लगाम लग रही है और आम लोगों को राहत मिल रही है।
जांच और कार्रवाई: पारदर्शिता कायम करने की दिशा में एक कदम-इस साल, CGPMRU ने 331 मेडिकल स्टोरों की जांच की, जिनमें से 21 ने नियमों का उल्लंघन किया। इन दुकानों के खिलाफ NPPA के पोर्टल पर केस दर्ज किए गए हैं और कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता लाने और आम लोगों को सही दाम पर दवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार की प्राथमिकता: सभी के लिए सस्ती दवाएँ-सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को ज़रूरी दवाएँ आसानी से और सही कीमत पर मिलें। NPPA ने CGPMRU को इस काम के लिए नियुक्त किया है। यह इकाई ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत काम करती है और जमीनी स्तर पर जानकारी इकट्ठा करती है। इससे दवा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ रही है और आम लोगों को फायदा हो रहा है।
राहत की बात: आम आदमी के लिए राहत-CGPMRU की यह पहल न केवल दुकानदारों पर लगाम लगा रही है बल्कि आम लोगों को आर्थिक राहत भी दे रही है। यह निगरानी व्यवस्था सस्ती दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद कर रही है। भविष्य में सरकार इस दिशा में और भी कड़े कदम उठा सकती है ताकि सभी को उचित दाम पर इलाज मिल सके।



