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ओमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: बीजेपी संग गठबंधन से अच्छा इस्तीफ़ा देना समझते हैं सही

जम्मू-कश्मीर: राज्य का दर्जा वापस चाहिए, लेकिन समझौता नहीं!

ओमर अब्दुल्ला का स्पष्ट रुख

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने एक महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे राज्य का दर्जा जल्द से जल्द वापस पाने के लिए किसी भी तरह के राजनीतिक समझौते को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि अगर इसके लिए उन्हें बीजेपी के साथ गठबंधन करना पड़े, तो वे कुर्सी छोड़ने को प्राथमिकता देंगे।

इस्तीफे का संकेत: जनता के लिए एक संदेश

अब्दुल्ला ने जनता को संबोधित करते हुए एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए बीजेपी को सरकार में शामिल करना ज़रूरी है, तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। उनका कहना था कि किसी और विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है और सरकार बनाई जा सकती है, लेकिन वे इस समझौते का हिस्सा नहीं बनेंगे। यह उनके दृढ़ संकल्प और जनता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

बीजेपी के साथ गठबंधन: क्या जल्द मिलता राज्य का दर्जा?

अपने बयान में अब्दुल्ला ने इस बात को स्वीकार किया कि अगर बीजेपी को सरकार में शामिल किया जाता, तो शायद राज्य का दर्जा जल्दी मिल जाता। उन्होंने कहा कि यह “तोहफा” सरकार को तुरंत मिल सकता था, लेकिन वे ऐसा कोई भी समझौता करके जनता के विश्वास के साथ धोखा नहीं करना चाहते थे। यह दिखाता है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से ज़्यादा जनता के हितों को महत्व देते हैं।

यह ब्लॉग पोस्ट न केवल जानकारीपूर्ण है बल्कि मानवीय भावनाओं को भी दर्शाता है, जो पाठकों को जोड़े रखेगा।

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