ऑपरेशन परिंदा :FATF की कारवाई के डर से पाकिस्तान ने आतंकि

वैश्विक संगठन FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर होते ही पाकिस्तान में इन आतंकियों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं.
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट से हटा है उसके बाद से एक बार फिर से पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों के हौसले बुलंद हो गये हैं. खासकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और उसके आस-पास मौजूद आतंकवादी भारत के खिलाफ एक बार फिर से बड़ी आतंकी साजिश में लग गये हैं. इस बीच भारत की सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सीमा पार पाकिस्तान की तरफ से जहां बड़ी संख्या में ड्रोन की एक्टिविटी देखने को मिल रही है. भारत के खिलाफ ISI के ‘ऑपरेशन परिंदा’ के नाम से चल रहे इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में रह रहे खालिस्तानी आतंकियों की भी मदद ली जा रही है. पंजाब में इन खालिस्तानी आतंकियों की मदद से ड्रोन के जरिये ड्रग्स और हथियार भेजे जा रहे हैं. जिनका इस्तेमाल पंजाब में टारगेट कीलिंग के साथ-साथ इन हथियारों और ड्रग्स से होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा जम्मू-कश्मीर के आतंकियों को भी भेजी जा रही है. ऑपरेशन परिंदा में शामिल आतंकी पाकिस्तानी रेंजर्स की मदद से भारतीय सीमा के बेहद नजदीक लाया जाता है
मीडिया को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल जनवरी से अब तक कुल 200 से ज्यादा बार भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन को देखा गया है. सीमा पार से घुसपैठ कर रहे ये ड्रोन भारतीय सीमा में हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं. इस साल अक्टूबर के महीने तक बार्डर सिक्योरिटी फोर्स यानि BSF कुल 14 ड्रोन को मार चुकी है.केन्द्रीय सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान की ISI भारत में मौजूद आतंकी संगठनों को ड्रोन के जरिये हथियार और ड्रग्स भेज रही है. भारतीय एजेंसियों की सतर्कता और FATF की कार्रवाई के चलते ISI के लिए अब पहले की तरह आतंकियों को फंडिंग करना आसान नहीं है
पहले FATF की कारवाई के डर से पाकिस्तान ने आतंकियों के आकाओं लो-डाउन रहने को कहा था वहीं अब वैश्विक संगठन FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर होते ही पाकिस्तान में इन आतंकियों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. सूत्रों के मुताबिक जैश ए मोहम्मद (JeM) के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर में भी एक्टिविटी देखी जा रही है. Financial Action Task Force (FATF) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकला है उसके बाद से पीओके के टेरर कैंपों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. जानकारी के मुताबिक इस वक्त पाकिस्तान और पीओके में 300 टेरर कैंप सक्रिय हैं. FATF की कारवाई से पहले कुल 600 टेरर कैंप के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा आतंकियों के मूवमेंट की जानकारी पुछ से सटे बलनवाली ढोक, बरोह खोरी, बत्ता हलन, जबरी ढोक और कोपरा इलाके से मिली है.



