गुजरात में 40 साल पुराने पुल का हिस्सा ढहा, 10 की मौत, कई घायल — जानिए हादसे की पूरी कहानी

वडोदरा का दर्द: पुल हादसा – लापरवाही या समय की मार?-
एक भयावह सुबह: बुधवार सुबह साढ़े सात बजे, वडोदरा के पास महिसागर नदी पर बना 40 साल पुराना गंभीरा पुल ढह गया। इस हादसे में 10 लोगों की जान चली गई, जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल थे। पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया और कई वाहन नदी में गिर गए। यह एक बहुत ही दुखद घटना है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
तबाही का मंज़र: हादसे में दो ट्रक, दो वैन, एक ऑटो और एक बाइक नदी में समा गए। कुछ वाहनों को समय रहते बचा लिया गया। NDRF, दमकल विभाग और स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे रहे। यह दृश्य बेहद भयावह था।
घायल और बचाव: पांच घायलों को वडोदरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत स्थिर है। एक घायल राजस्थान से है। बचाव दल ने बेहतरीन काम किया।
सरकारी मदद और शोक: प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने हादसे पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की। यह एक मानवीय संकट है जिस पर सरकार ने तुरंत ध्यान दिया।
जांच और सवाल: सरकार ने पुल गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सड़क और भवन विभाग के साथ-साथ विशेषज्ञों की टीम भी जांच में लगी है। सबसे बड़ा सवाल है कि क्या समय पर जांच और मरम्मत से यह हादसा टाला जा सकता था?
गंभीरा पुल का इतिहास: 1985 में बना यह 900 मीटर लंबा पुल वडोदरा और आनंद को जोड़ता है। सरकार का कहना है कि पुल की नियमित मरम्मत होती रही है, लेकिन जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।
सिस्टम में कमी?: यह हादसा कई सवाल खड़े करता है। क्या लापरवाही हुई? क्या समय पर ध्यान दिया गया होता तो यह त्रासदी टल सकती थी? जांच से ही इन सवालों के जवाब मिलेंगे।



