पीएम मोदी की ‘मन की बात’ एपिसोड 126: देशवासियों को प्रेरक संदेश और स्वदेशी उत्पादों का महत्व

मन की बात: आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 126वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित किया। इस बार, उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादों और हमारी समृद्ध परंपराओं को मजबूत करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने गांधी जयंती, भगत सिंह, लता मंगेशकर और RSS के शताब्दी वर्ष को याद किया। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम इन महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से नज़र डालेंगे और देखेंगे कि कैसे हम सभी मिलकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं।
गांधी जयंती: खादी और स्वदेशी का महत्व
गांधी जी का संदेश 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने खादी और स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गांधी जी ने खादी को स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बनाया था। स्वतंत्रता के बाद, खादी की लोकप्रियता में कमी आई थी, लेकिन पिछले 11 वर्षों में, इसकी मांग फिर से बढ़ी है।
हम क्या कर सकते हैं?- प्रधानमंत्री ने सभी से अपील की कि गांधी जयंती पर खादी और स्वदेशी उत्पाद खरीदें। खादी सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह भारतीय स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। जब हम स्वदेशी उत्पादों को खरीदते हैं, तो हम छोटे उद्योगों और ग्रामीण कारीगरों का समर्थन करते हैं। इससे हमारी सांस्कृतिक विरासत भी जीवित रहती है।
छठ पर्व: सांस्कृतिक धरोहर का गौरव
UNESCO में शामिल करने की पहल-प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार छठ पर्व को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रही है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
छठ पर्व का महत्व-छठ पूजा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसमें सामाजिक और पारिवारिक मूल्य भी निहित हैं। इस पहल के माध्यम से, भारत अपनी समृद्ध परंपरा और त्योहारों की विविधता को दुनिया के सामने पेश कर सकेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और त्योहार से जुड़े व्यवसायों को भी वैश्विक पहचान मिलेगी।
RSS का शताब्दी वर्ष: सेवा और समर्पण
RSS की यात्रा-प्रधानमंत्री मोदी ने RSS के 100 साल पूरे होने पर संगठन की यात्रा को सराहा। उन्होंने इसे अद्भुत, अभूतपूर्व और प्रेरक बताया। RSS के स्वयंसेवक हमेशा ‘देश पहले’ की भावना के साथ काम करते रहे हैं।
सेवा का भाव-प्रधानमंत्री ने संगठन की निस्वार्थ सेवा, अनुशासन और सामाजिक योगदान की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि ऐसे संगठन भारतीय समाज में सेवा की भावना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं।
भगत सिंह: युवाओं के लिए प्रेरणा
भगत सिंह का योगदान-प्रधानमंत्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह को याद करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। भगत सिंह की सोच, मानवता और जनता के प्रति संवेदनशीलता आज भी युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
युवाओं के लिए संदेश-उनका संदेश था कि देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन में जीवित रहनी चाहिए। भगत सिंह का जीवन हमें सिखाता है कि हमें अपने देश के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
लता मंगेशकर: संगीत की शक्ति
लता दीदी को श्रद्धांजलि-प्रधानमंत्री मोदी ने महान गायिका लता मंगेशकर की जयंती पर उन्हें याद किया। लता दीदी के गीत लोगों के भावनाओं को गहराई से छूते हैं। विशेषकर उनके देशभक्ति गीतों ने हर भारतीय को प्रेरित किया।
कला और संगीत का महत्व-प्रधानमंत्री ने संगीत की इस शक्ति को सम्मानित करते हुए कहा कि कला और संगीत समाज को जोड़ने और भावनात्मक रूप से मजबूत करने का माध्यम हैं। लता मंगेशकर का संगीत हमेशा हम सभी को प्रेरित करता रहेगा।
नवाचार का समर्थन-प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हस्तशिल्प और हैंडलूम उद्योग की सफलता को सराहा। उन्होंने तमिलनाडु में याज़ नेचुरल्स और झारखंड के आशिष सत्यव्रत साहू की प्रेरक कहानियों का उदाहरण दिया। ये युवा पारंपरिक कारीगरी को नवाचार और वैश्विक पहचान के साथ जोड़ रहे हैं।
रोजगार और अवसर-उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार छोटे उद्योगों और ग्रामीण कारीगरों के लिए रोजगार और अवसर पैदा करते हैं। जब हम हस्तशिल्प और हैंडलूम उत्पादों को खरीदते हैं, तो हम इन कारीगरों का समर्थन करते हैं और उनकी कला को जीवित रखते हैं।
आत्मनिर्भरता और लोकल उत्पादों का समर्थन
त्योहारी सीजन में स्वदेशी-प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि आने वाले त्योहारी सीजन में केवल देशी और स्थानीय उत्पाद खरीदें। यह न सिर्फ पारंपरिक उद्योगों का समर्थन है, बल्कि सीधे उन परिवारों को लाभ पहुंचाता है जो ये उत्पाद बनाते हैं।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करना-इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ता है। जब हम लोकल उत्पादों को खरीदते हैं, तो हम अपने देश को मजबूत करते हैं।
दिवाली की शुभकामनाएं और जुबिन गर्ग को याद
दिवाली का संदेश-प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी दिवाली की शुभकामनाएं दीं और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों का समर्थन करने की अपील की।
जुबिन गर्ग का योगदान- साथ ही, असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को याद करते हुए कहा कि उनका संगीत और कला हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी। उनका योगदान भारतीय संगीत जगत के लिए अमूल्य है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ ने हमें आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादों और अपनी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का संदेश दिया। हमें गांधी जी के आदर्शों का पालन करना चाहिए, अपनी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए, और लोकल उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए। आइए, हम सब मिलकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।



