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पीएम मोदी का इजरायल दौरा: एक नई शुरुआत, दोस्ती और सहयोग का नया अध्याय

इजरायल में मोदी यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह-भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को वहां बहुत खास माना जा रहा है। इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक नए और मजबूत दौर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इजरायली मीडिया इसे “स्ट्रैटेजिक रीसेट” और “ऐतिहासिक पल” कहकर बड़ी अहमियत दे रहा है। यह दौरा ऐसे वक्त पर हो रहा है जब दोनों देश तकनीक, रक्षा और व्यापार में सहयोग को और मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं।

यरूशलम में खास स्वागत, भारतीयों को ‘नमस्ते’ से किया गया अभिवादन-यरूशलम की सड़कों पर मोदी के स्वागत का माहौल बेहद खास था। हर जगह भारतीयों का ‘नमस्ते’ कहकर स्वागत किया जा रहा था, जो दोनों देशों की गहरी दोस्ती को दर्शाता है। संसद भवन के रास्ते भारत और इजरायल के झंडों से सजाए गए थे और भवन को भारतीय तिरंगे के रंगों से रोशन किया गया था। स्थानीय लोग हर भारतीय का ध्यान रख रहे थे ताकि यात्रा पूरी तरह से सफल हो।

इजरायली मीडिया का नजरिया: भारत को अहम सहयोगी बताया-इजरायल के प्रमुख अखबार द जेरूसलम पोस्ट ने इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में “स्ट्रैटेजिक रीसेट” बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू भारत को अपने वैश्विक सहयोगी नेटवर्क का एक मजबूत स्तंभ मानते हैं। यह यात्रा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला कदम है, जिससे भविष्य में कई नए सहयोग के रास्ते खुलेंगे।

संसद में पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन, तकनीक और रक्षा पर होगा जोर-इस दौरे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पीएम मोदी इजरायल की संसद केनेसट को संबोधित करेंगे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला ऐसा संबोधन होगा। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही रक्षा क्षेत्र में संयुक्त उत्पादन और नई तकनीकों के विकास पर भी फोकस रहेगा, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा और तकनीकी ताकत मजबूत होगी।

मोदी-नेतन्याहू की दोस्ती भी चर्चा में, पुरानी यादें फिर हुईं ताजा-प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच व्यक्तिगत संबंध इस यात्रा की खास बात माने जा रहे हैं। इजरायली मीडिया ने 2017 की उस तस्वीर को फिर से याद किया, जिसमें दोनों नेता समुद्र किनारे साथ चलते दिखे थे। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी और इसे दोस्ती की मिसाल माना गया। नेतन्याहू ने हाल ही में एक वीडियो में भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत सहयोगी बताया, जो दोनों नेताओं के बीच गहरे भरोसे को दर्शाता है।

व्यापार, रक्षा और नए समझौतों से रिश्तों को मिलेगा नया आधार-इस दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इनमें रक्षा सहयोग, नई तकनीक और व्यापार से जुड़े समझौते शामिल हो सकते हैं। दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और India-Middle East-Europe Economic Corridor जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं। इस यात्रा के बाद दोनों देशों के रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का दर्जा मिल सकता है, जो अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों के साथ इजरायल के रिश्तों के बराबर होगा।

होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि और भारतीय समुदाय से मुलाकात-अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम जाकर वहां के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके अलावा वे इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। मोदी इजरायल में रहने वाले भारतीय समुदाय से मिलेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। साथ ही वे इजरायल की तकनीकी प्रगति को दिखाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी में भी हिस्सा लेंगे। यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने और नए सहयोग के रास्ते खोलने में अहम साबित होगा।

यह दौरा न केवल भारत-इजरायल के बीच दोस्ती को और गहरा करेगा, बल्कि तकनीक, रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा करेगा। दोनों देशों के बीच यह नया अध्याय भविष्य में कई नई संभावनाओं और साझेदारियों का रास्ता खोलने वाला है।

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