बारामती उपचुनाव पर सियासी घमासान: सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जिताने की मांग, कांग्रेस को चेतावनी

बारामती उपचुनाव: महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी तूफान- महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव ने माहौल को गरमा दिया है। बीजेपी नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने एनसीपी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जीतने नहीं दिया, तो उन्हें इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक लड़ाई अब और तेज हो गई है।
बावनकुले की चेतावनी: कांग्रेस को भुगतने होंगे नतीजे-चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि कांग्रेस को बारामती उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस ऐसा नहीं करती है, तो उसे इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। बावनकुले ने यह भी कहा कि बारामती से ही कांग्रेस का राजनीतिक पतन शुरू हो सकता है।
बारामती उपचुनाव की वजह: अजित पवार का निधन-यह उपचुनाव 23 अप्रैल को होना तय है, जिसकी वजह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में निधन है। अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने पार्टी की कमान संभाली और अब वह इसी सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
महायुति गठबंधन का समर्थन सुनेत्रा पवार के साथ-महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन, जिसमें एनसीपी, बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल है, पूरी ताकत से सुनेत्रा पवार के समर्थन में खड़ा है। गठबंधन चाहता है कि बारामती में चुनाव निर्विरोध हो ताकि सुनेत्रा पवार को बिना मुकाबले जीत मिल सके।
कांग्रेस ने उतारा उम्मीदवार, टकराव हुआ तेज-जहां महायुति गठबंधन निर्विरोध चुनाव की कोशिश कर रहा है, वहीं कांग्रेस ने वकील आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस का यह कदम सत्ताधारी गठबंधन की रणनीति को चुनौती देने जैसा माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।
कांग्रेस की शर्त: FIR दर्ज होने पर ही पीछे हटेंगे-कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह तभी चुनाव से पीछे हटेगी जब अजित पवार की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी। पार्टी का कहना है कि जब तक हादसे की पूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक वह चुनाव मैदान से हटने का फैसला नहीं करेगी।
अन्य राज्यों के चुनाव पर बावनकुले की राय-चुनाव के अलावा बावनकुले ने असम, केरल और पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा चुनावों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बीजेपी का प्रदर्शन इन राज्यों में बेहतर रहेगा और यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता के विश्वास को फिर से साबित करेगा।
बारामती से तय होगी महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा-बारामती उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा केंद्र बन चुका है। सभी पार्टियां इस चुनाव पर नजरें गड़ाए हुए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में यह चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा।
बारामती उपचुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। इस चुनाव के नतीजे न केवल यहां की सत्ता को प्रभावित करेंगे, बल्कि पूरे राज्य की राजनीतिक तस्वीर को भी नया आकार देंगे।



