तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कई दिनों से बातचीत चल रही है और अब इसमें नया मोड़ आया है। सत्तारूढ़ पार्टी ने अपने सहयोगी दल को सीटों का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है, जिससे राजनीतिक माहौल और दिलचस्प होता जा रहा है।
डीएमके ने CPI(M) को 5 सीटों का प्रस्ताव दिया-सत्तारूढ़ दल Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) ने अपने सहयोगी Communist Party of India (Marxist) को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 5 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है। पार्टी के राज्य सचिव पी शणमुगम ने यह जानकारी दी। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब दोनों दल पिछले 20 दिनों से सीट बंटवारे पर बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने खुद की बातचीत में भागीदारी-इस बार बातचीत में खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने खुद इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। उन्होंने CPI(M) के नेतृत्व से अपील की कि वे 5 सीटों के प्रस्ताव को स्वीकार कर लें। शणमुगम ने बताया कि यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री ने सीधे इस बातचीत में हिस्सा लेकर अपनी बात रखी।
पहले के चुनाव में वामपंथी पार्टियों ने ज्यादा सीटों पर लड़ा था चुनाव-2021 के विधानसभा चुनाव में CPI और CPI(M) ने 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार CPI(M) की मांग थी कि उसे दो अंकों में सीटें मिलें, लेकिन गठबंधन में नए दलों के जुड़ने के कारण डीएमके ने ज्यादा सीट देना मुश्किल बताया है।
गठबंधन के विस्तार से सीटों के बंटवारे में आई चुनौती-मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के विस्तार के कारण सीटों का बंटवारा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। नए सहयोगियों के आने से सभी दलों को संतुलित तरीके से सीटें देना जरूरी है, जिससे किसी एक पार्टी को ज्यादा सीट देना संभव नहीं हो पा रहा है।
CPI(M) ने भी दिखाया लचीलापन, मांग सीमित की 6 सीटों तक-स्थिति को समझते हुए CPI(M) ने अपने रुख में नरमी दिखाई है। पार्टी की राज्य कमेटी की बैठकों में यह तय किया गया कि वे 6 सीटों से ज्यादा की मांग नहीं करेंगे। साथ ही कार्यकारिणी को यह अधिकार दिया गया है कि कम से कम 2021 जितनी सीटें हासिल करने की कोशिश की जाए।
केंद्रीय नेतृत्व भी सक्रिय, महासचिव M. A. Baby ने बैठक में लिया हिस्सा-इस मुद्दे पर CPI(M) के महासचिव M. A. Baby भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 21 मार्च को हुई राज्य समिति की बैठक में हिस्सा लिया, जहां यह तय किया गया कि पार्टी 6 सीटों की मांग पर कायम रहेगी। इससे साफ है कि मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है।
अंतिम फैसला जल्द, गठबंधन छोड़ने के सवाल पर दिया जवाब-पी शणमुगम ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले में अनुरोध कर चुके हैं, इसलिए पार्टी की कार्यकारिणी जल्द बैठक कर अंतिम फैसला लेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी गठबंधन छोड़ सकती है, तो उन्होंने साफ कहा कि ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत में अब तक कई मोड़ आए हैं। मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी और दोनों पक्षों की लचीली नीति से यह साफ है कि गठबंधन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश जारी है। जल्द ही इस मसले पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है, जो चुनावी रणनीति को नई दिशा देगा।



