राहुल गांधी का मोदी पर हमला: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सियासी तूफान

राहुल गांधी ने मोदी को दी चुनौती, जवाब न मिलने पर इजरायल यात्रा पर उठाए सवाल-भारतीय राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को रद्द करने की चुनौती दी थी, लेकिन 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि चुनौती का जवाब देने के बजाय पीएम चुपचाप इजरायल रवाना हो गए। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का हमला, पीएम मोदी पर उठाए गंभीर सवाल-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में पोस्ट करते हुए सीधे प्रधानमंत्री पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने की चुनौती दिए 24 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन पीएम ने कोई जवाब नहीं दिया और अब वे इजरायल चले गए हैं। राहुल ने कहा कि देश के हित से जुड़े इतने अहम मुद्दे पर चुप रहना लोगों के मन में सवाल खड़े करता है। इस बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
‘देशहित के खिलाफ समझौता?’ राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप-राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह व्यापार समझौता देश के हितों के खिलाफ हो सकता है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि मोदी पहले भी इजरायल जाकर समझौते कर चुके हैं, अब वे किसके कहने पर ऐसा कर रहे हैं। राहुल ने सवाल उठाया कि क्या ये फैसले पारदर्शिता से लिए जा रहे हैं या इसके पीछे कोई बाहरी दबाव है। इन आरोपों ने राजनीतिक बहस को और बढ़ा दिया है।
भोपाल किसान सभा में ट्रेड डील को बताया ‘किसानों के दिल पर तीर’-भोपाल में ‘किसान महाचौपाल’ रैली के दौरान राहुल गांधी ने इस मुद्दे को विस्तार से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता किसानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। राहुल ने इसे किसानों के दिल पर तीर बताया और कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो इस समझौते को रद्द करें, लेकिन उन्हें भरोसा नहीं कि सरकार ऐसा करेगी।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बढ़ाए सवाल, समझौते पर फिर से विचार की मांग-राहुल गांधी ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ को अवैध बताया गया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। राहुल ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका में ही ऐसे फैसलों पर विवाद है, तो भारत को इस समझौते पर दोबारा विचार करना चाहिए। विपक्ष सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।
बाहरी दबाव और ‘एपस्टीन फाइल्स’ का जिक्र कर राहुल गांधी ने विवाद बढ़ाया-राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने यह समझौता बाहरी दबाव में आकर मंजूर किया होगा। उन्होंने ‘एपस्टीन फाइल्स’ और अमेरिकी उद्योगपति से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि इन मुद्दों का असर फैसले पर पड़ सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर सरकार के जवाब और अगले कदम पर टिकी है।
यह विवाद साफ दिखाता है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों ने सियासी माहौल को गरम कर दिया है और सरकार पर दबाव बढ़ा है कि वह इस मुद्दे पर स्पष्टता दे। आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा और हलचल देखने को मिल सकती है।



