राहुल गांधी का हमला: “ट्रंप के फोन पर मोदी ने सरेंडर किया, लेकिन इंदिरा गांधी ने अमेरिका के Seventh Fleet से भी नहीं झुकी थीं”

क्या मोदी जी ने ट्रम्प के फोन कॉल पर झुका दिया सर? राहुल गांधी का गंभीर आरोप-राहुल गांधी ने एक बड़ा आरोप लगाया है! उनका कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक फ़ोन कॉल के बाद ‘झुकने’ का फ़ैसला किया। रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बात कही।
इंदिरा गांधी ने अमेरिका को नहीं माना था-राहुल गांधी ने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया था, लेकिन इंदिरा गांधी ने किसी भी तरह का दबाव झेलने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ़ कह दिया था कि भारत अपनी मर्ज़ी से काम करेगा। इसी हिम्मत के दम पर भारत ने पाकिस्तान को हराया और बांग्लादेश का जन्म हुआ। यह दिखाता है कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति से विदेशी दबाव को नाकाम किया जा सकता है।
कांग्रेस ने हमेशा विदेशी दबाव का किया मुकाबला-राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के नेता, चाहे पुरुष हों या महिलाएं, हमेशा विदेशी दबाव का डटकर मुकाबला करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांधी, नेहरू और पटेल जैसे नेताओं ने कभी किसी के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हमारे नेता फ़ोन कॉल पर फ़ैसले नहीं लेते, बल्कि अपनी ताकत से काम करते हैं। यह एक मज़बूत संदेश है कि आत्मनिर्भरता ही देश की असली ताकत है।
बीजेपी-आरएसएस: थोड़े से दबाव में ही घबरा जाते हैं?-राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस थोड़े से दबाव में ही घबरा जाते हैं। उनका कहना है कि ये लोग बहादुरी का दिखावा करते हैं, लेकिन असल में बहुत कमज़ोर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर मुश्किल परिस्थिति में डटकर मुकाबला किया है, चाहे सामने कोई भी ताकत क्यों न हो। यह एक तीखा आरोप है जिस पर ज़रूर बहस होनी चाहिए।
कांग्रेस का नया संकल्प: विचारधारा और निडर नेतृत्व-‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत में राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी अब सिर्फ़ चुनाव नहीं, बल्कि एक विचारधारा और निडर नेतृत्व की लड़ाई लड़ रही है। उनका मानना है कि देश को ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है जो किसी भी विदेशी दबाव के आगे न झुके। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है जिसके लिए कांग्रेस को कड़ी मेहनत करनी होगी।



