री-NEET परीक्षा प्रदेशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न, छात्रों ने बताया पेपर कठिन

कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदेशभर में संपन्न हुई री-NEET परीक्षा-मध्यप्रदेश में पेपर लीक विवाद के बाद रविवार को री-NEET परीक्षा पूरी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हुई। प्रदेश के 283 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें राजधानी भोपाल के 32 केंद्रों पर 13 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल डिटेक्टर जांच और दस्तावेजों की कड़ी जांच की गई। सुरक्षा नियमों के कारण कई छात्राओं को आभूषण उतारने पड़े, जबकि कुछ छात्रों से कलावा और अन्य वस्तुएं हटवाई गईं। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी सतर्कता बरती।
छात्रों ने कहा- पिछली परीक्षा से ज्यादा कठिन था पेपर-परीक्षा खत्म होने के बाद अधिकांश छात्रों ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछले मुकाबले ज्यादा कठिन था। खासकर फिजिक्स के सवालों ने छात्रों को ज्यादा परेशान किया। केमिस्ट्री में भी कई ऐसे प्रश्न थे जिनमें समय ज्यादा लगा। छात्रों का मानना है कि पेपर की कठिनाई से कटऑफ पर असर पड़ सकता है। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि री-एग्जाम की तैयारी के दौरान मानसिक दबाव भी बना रहा क्योंकि कम समय में दोबारा तैयारी करनी पड़ी। इस माहौल में परीक्षा देना चुनौतीपूर्ण रहा।
समय की सख्ती बनी कई छात्रों के लिए परेशानी-री-NEET परीक्षा के दौरान समय पालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। भोपाल के कई केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। कुछ सेकंड या मिनट की देरी से पहुंचे छात्रों को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। कई छात्र गलत केंद्र पर पहुंच गए, जिससे वे परीक्षा नहीं दे सके। इस सख्ती को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि नियम सभी के लिए समान लागू किए गए थे।
छात्रों ने उठाई शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग-भोपाल की छात्रा रश्मि सागोरिया ने बताया कि इस बार का पेपर ज्यादा कठिन था, खासकर फिजिक्स के सवाल। उन्होंने कहा कि छात्र पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं। रश्मि का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए ताकि परीक्षा की गोपनीयता बनी रहे। छात्रों का कहना है कि परीक्षा योग्यता और मेहनत के आधार पर होनी चाहिए, जिससे सभी को बराबर मौका मिले। उन्होंने भविष्य में कड़े कदम उठाने की मांग की।
पेपर लीक के बाद मानसिक दबाव में रहे अभ्यर्थी-छात्रा अर्चना मेवाती ने बताया कि पेपर लीक की वजह से छात्रों का आत्मविश्वास टूटा। उन्होंने कहा कि पहले भी मेहनत की थी, लेकिन लीक की खबर ने सब कुछ प्रभावित कर दिया। दोबारा परीक्षा देने का दबाव और तनाव बना रहा। भोपाल के छात्र इब्राहिम अली ने बताया कि फिजिक्स सबसे कठिन विषय था, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान था। छात्रों का कहना है कि बार-बार बदलाव और अनिश्चितता ने उनकी तैयारी पर असर डाला।
कटऑफ को लेकर छात्रों के बीच चर्चा शुरू-री-NEET परीक्षा खत्म होते ही छात्रों के बीच कटऑफ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अधिकांश अभ्यर्थी मानते हैं कि कठिन प्रश्नपत्र के कारण कटऑफ में कमी आ सकती है। खासकर फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवालों ने अंक प्रभावित किए हैं। अंतिम परिणाम आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। शिक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि कठिन पेपर का असर मेरिट सूची और कटऑफ दोनों पर पड़ेगा। परिणामों का इंतजार अब सभी को है।



