रायपुर में राशन कार्ड ई-केवायसी पर राहत: फिंगरप्रिंट फेल होने वालों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण का रास्ता

रायपुर में फिंगरप्रिंट न चलने पर अब नहीं होगी परेशानी: ई-केवायसी के लिए नए विकल्प-रायपुर जिले में राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत आई है। जिन लोगों के फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहे, उनके लिए अब अलग से सूची बनाई जाएगी ताकि उनका ई-केवायसी चेहरा प्रमाणीकरण या अन्य स्वीकृत विकल्पों से पूरा किया जा सके। जिला प्रशासन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
राशन दुकानों को मिली जिम्मेदारी-जिला प्रशासन ने सभी उचित मूल्य दुकानों को कहा है कि वे उन सदस्यों की पहचान करें जिनका ई-केवायसी फिंगरप्रिंट की वजह से अटका हुआ है। दुकानों को ऐसी सूची बनाकर प्रशासन को भेजनी होगी ताकि आगे की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी हो सके।
3.36 लाख सदस्यों का ई-केवायसी अभी बाकी-खाद्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 22 लाख से ज्यादा राशन कार्ड सदस्य हैं। इनमें से लगभग 18.67 लाख का ई-केवायसी पूरा हो चुका है, जबकि 3.36 लाख से अधिक सदस्य अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग, छोटे बच्चे और दिव्यांग शामिल हैं।
बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत-ई-केवायसी से वंचित सदस्यों में ज्यादातर वे लोग हैं जिनके फिंगरप्रिंट उम्र या मेहनत की वजह से साफ नहीं आ रहे। छोटे बच्चे, वृद्ध नागरिक और लगातार मेहनत करने वाले लोगों की उंगलियों के निशान मशीन में दर्ज नहीं हो पा रहे, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
मोबाइल एप के सर्वर से भी बढ़ी समस्या-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आधार आधारित ई-केवायसी अनिवार्य है और इसके लिए मोबाइल एप की सुविधा दी गई है। लेकिन कई बार एप के सर्वर में दिक्कत आने से लोग घर बैठे केवायसी नहीं कर पा रहे। अधिकारी मानते हैं कि तकनीकी समस्या आती है, लेकिन उसका समाधान भी उपलब्ध है।
एप से न हो तो दुकान या कार्यालय में दें जानकारी-अगर मोबाइल एप के जरिए ई-केवायसी नहीं हो पा रही है, तो संबंधित सदस्य अपनी राशन दुकान या विभागीय कार्यालय में जाकर इसकी जानकारी दे सकते हैं। वहां उनकी समस्या सुनी जाएगी और वैकल्पिक तरीके से ई-केवायसी पूरा कराने में मदद की जाएगी।
राशन दुकानों में मशीन और एप से हो रहा काम-छूटे हुए लाभार्थियों के लिए राशन दुकानों पर मशीन और मोबाइल एप दोनों के जरिए ई-केवायसी कराया जा रहा है। जिनका फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहा, उनके नाम अलग से दर्ज किए जा रहे हैं ताकि बाद में चेहरा प्रमाणीकरण जैसे विकल्पों से उनका सत्यापन किया जा सके।
रिकॉर्ड अपडेट करना भी जरूरी-विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि यदि राशन कार्ड में दर्ज कोई सदस्य अब जीवित नहीं है या विवाह के बाद अलग रह रहा है, तो परिवार को दस्तावेजों के साथ राशन दुकान या स्थानीय निकाय कार्यालय में सूचना देनी होगी। इससे रिकॉर्ड सही रहेगा और भविष्य में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।



