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शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी: फेड रेट कट से सेंसेक्स और निफ्टी उछले

शेयर बाज़ार में धूम: सेंसेक्स-निफ्टी की शानदार शुरुआत, आईटी स्टॉक्स की चांदी!

बाज़ार में उत्साह का माहौल: क्या है वजह?-आज सुबह भारतीय शेयर बाज़ार में गजब की रौनक देखने को मिली! सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ही बड़े सूचकांकों ने ज़ोरदार शुरुआत की है। सेंसेक्स जहां 447 अंकों से ज़्यादा की बढ़त के साथ 83,141 के पार खुला, वहीं निफ्टी भी 118 अंकों से ज़्यादा उछलकर 25,448 के स्तर पर खुला। इस ज़बरदस्त तेज़ी के पीछे सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) का ब्याज दरों में कटौती का फैसला। इस फैसले ने न सिर्फ़ विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि भारतीय आईटी कंपनियों के लिए भी अच्छे दिन आने के संकेत दिए हैं। बाज़ार में सुबह से ही खरीदारी का माहौल है और निवेशक इस तेज़ी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। यह दिखाता है कि बाज़ार में कितना जोश और उम्मीद भरी हुई है।

आईटी स्टॉक्स चमके, पर कुछ शेयरों पर दबाव भी-आज के कारोबार में कई बड़ी और जानी-मानी कंपनियों ने बाज़ार को सहारा दिया। इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा जैसी आईटी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में ज़बरदस्त खरीदारी हुई। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा और टाटा मोटर्स ने भी बाज़ार को मजबूती दी। ऐसा लगता है कि अमेरिकी फेड के फैसले का सीधा फायदा इन आईटी कंपनियों को मिला है, क्योंकि ब्याज दरें कम होने से विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर इन कंपनियों के मुनाफ़े पर पड़ सकता है। हालांकि, हर किसी के लिए आज का दिन अच्छा नहीं रहा। बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे कुछ प्रमुख शेयरों में थोड़ी गिरावट या ठहराव देखने को मिला, जो बाज़ार की मिली-जुली तस्वीर पेश करता है।

अमेरिकी फेड का दांव: आईटी कंपनियों के लिए वरदान?-अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल पहली बार ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इससे भी बड़ी बात यह है कि फेड ने आगे भी दो और बार ब्याज दरें घटाने के संकेत दिए हैं। इस फैसले का असर सिर्फ़ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया के बाज़ारों में इसका सकारात्मक असर देखा गया। एशिया के बाज़ार भी करीब 1 फीसदी तक ऊपर खुले, और अमेरिकी इंडेक्स फ्यूचर्स में भी अच्छी तेज़ी दिखी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो विदेशी निवेशक ज़्यादा पैसा इक्विटी बाज़ार में लगाते हैं। इससे भारत जैसे उभरते बाज़ारों में निवेश बढ़ सकता है, रुपये को मजबूती मिल सकती है और सेंसेक्स-निफ्टी जैसे सूचकांकों को और ऊपर जाने में मदद मिलेगी। यही वजह है कि आज आईटी शेयरों में इतनी ज़बरदस्त खरीदारी हो रही है।

दुनिया भर के बाज़ार और निवेशकों की चाल-जब हम दुनिया भर के बाज़ारों पर नज़र डालते हैं, तो कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स आज तेज़ी में दिखे। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स थोड़ा कमजोर रहा। बुधवार को अमेरिकी बाज़ारों में फेड की घोषणा के बाद मिली-जुली क्लोजिंग हुई थी। भारत में, निवेशकों की नज़रें अब कंपनियों के नतीजों और भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते पर टिकी हैं। कच्चे तेल की बात करें तो ब्रेंट क्रूड की कीमत थोड़ी कम होकर 67.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। एक अहम बात यह भी है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को करीब 1,124 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, लेकिन इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की ज़बरदस्त खरीदारी ने बाज़ार को संभाले रखा। आपको बता दें कि बुधवार को भी सेंसेक्स 313 अंक चढ़कर बंद हुआ था, और निफ्टी में भी करीब 91 अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी।

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