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शरद पवार और सुप्रिया सुले ने NCP की एकजुटता पर दिया बड़ा बयान, टूट की अफवाहों पर लगाई रोक

 

शिवसेना टूटने के बाद NCP पर भी उठीं अटकलें, शरद पवार और सुप्रिया सुले ने दिया जवाब-महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के टूटने के बाद अब NCP को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के कुछ सांसद और विधायक दूसरे गुट से संपर्क में बताए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ी है। ऐसे में NCP प्रमुख शरद पवार और कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने साफ किया है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और कोई भी सांसद या विधायक पार्टी छोड़ने वाला नहीं है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी है।

शरद पवार ने अफवाहों को बताया बेबुनियाद-शरद पवार ने बारामती में मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी में टूट की कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि शिवसेना के कुछ सांसदों के जाने का मतलब यह नहीं कि हर पार्टी में ऐसा होगा। उन्होंने दोहराया कि NCP के किसी भी सांसद या विधायक का पार्टी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। पवार ने कहा कि अफवाहें फैलाकर राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी के सभी नेता मजबूती से जुड़े हैं।

लोकसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के बाद बढ़ी चर्चा-लोकसभा चुनाव में NCP ने महाराष्ट्र की 10 सीटों में से 8 पर जीत हासिल की थी, जिससे पार्टी का मनोबल बढ़ा। इसके बाद जब कुछ सांसदों के दूसरे गुट से संपर्क की खबरें आईं, तो राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं, इसलिए ऐसी खबरें तेजी से फैलती हैं। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि चुनाव के बाद से कोई भी सांसद या विधायक पार्टी छोड़ने की इच्छा नहीं जता रहा है।

सुप्रिया सुले ने चुनौती देते हुए मांगे नाम-सुप्रिया सुले ने कहा कि जो लोग पांच सांसदों के पार्टी छोड़ने की बात कर रहे हैं, वे उनके नाम सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि बिना तथ्य के अफवाहें फैलाना गलत है। सुले ने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी आठ सांसद एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर वे सब एक साथ सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और संगठन पूरी तरह मजबूत है। उनका यह बयान पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भरोसे का संदेश है।

महाविकास अघाड़ी की बैठक में अनुपस्थिति पर भी दिया जवाब-महाविकास अघाड़ी की एक बैठक में कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे। सुप्रिया सुले ने बताया कि जिन नेताओं ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, उन्होंने पहले से पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि बैठक में अनुपस्थिति का मतलब पार्टी छोड़ना नहीं होता। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर संवाद जारी है और सभी नेता संगठन के साथ खड़े हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर राजनीतिक अर्थ निकालना सही नहीं।

धर्मराव बाबा आत्राम के बयान से शुरू हुई चर्चा-यह विवाद एनसीपी विधायक धर्मराव बाबा आत्राम के बयान के बाद शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ सांसद उनके गुट में आ सकते हैं। उन्होंने पांच सांसदों के संपर्क में होने की बात कही थी। आत्राम ने कहा था कि चुनाव जीतने और विकास की राजनीति में बने रहने के लिए सही मंच चुनना जरूरी है। इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि पार्टी ने इसे केवल राजनीतिक अटकलें बताया है।

महाराष्ट्र की राजनीति में जारी है सियासी हलचल-महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार बदलाव और घटनाक्रम हो रहे हैं। शिवसेना और एनसीपी के विभाजन के बाद माहौल संवेदनशील हो गया है। किसी भी नेता को लेकर खबरें तुरंत चर्चा में आ जाती हैं। शरद पवार और सुप्रिया सुले के बयानों ने पार्टी की एकजुटता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी सांसद और विधायक पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हैं और संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। अब सबकी नजर महाराष्ट्र की राजनीति के अगले कदम पर टिकी है।

 

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