खरगोन में 80 से ज्यादा तोतों की मौत से हड़कंप, जांच में बर्ड फ्लू नहीं बल्कि फूड पॉइजनिंग निकली वजह

खरगोन में 80 से ज्यादा तोतों की मौत से मचा हड़कंप: जानिए क्या है वजह?-मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह इलाके में नर्मदा नदी के पास बने एक्वाडक्ट पुल के पास दो दिनों में 80 से ज्यादा तोतों की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। लगातार तोतों के शव मिलने से लोग डर गए और तरह-तरह की आशंकाएं होने लगीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की आशंका खारिज-मृत तोतों के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने साफ किया कि उनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं हुई है। जांच में पता चला कि तोतों की मौत ‘फूड पॉइजनिंग’ यानी जहरीला या खराब भोजन खाने की वजह से हुई है। इस खबर से इलाके के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
रेस्क्यू टीम को जिंदा मिले तोते भी बच नहीं पाए-पिछले 48 घंटों में पुल के आसपास करीब 80 तोते मृत मिले। रेस्क्यू टीम को कुछ तोते जिंदा भी मिले, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना तेज था कि वे भी थोड़ी देर में मर गए। यह स्थिति काफी चिंताजनक मानी जा रही है।
गलत खाना और कीटनाशक बने मौत का कारण-बड़वाह के पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम में तोतों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण मिले हैं। कई बार लोग पक्षियों को ऐसा खाना देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए ठीक नहीं होता, जिससे उनकी जान को खतरा होता है।
खेतों में छिड़के कीटनाशक भी हो सकते हैं जिम्मेदार-डॉ. चौहान के अनुसार, पक्षी खेतों में कीटनाशक छिड़काव के बाद वहां से दाना चुग लेते हैं, जो उनके लिए जहरीला साबित होता है। पोस्टमार्टम में तोतों के पेट से चावल के दाने और छोटे पत्थर भी मिले हैं, जो खाने में गड़बड़ी का संकेत हैं।
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने लोगों की लापरवाही पर उठाया सवाल-वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट टोनी शर्मा का मानना है कि पुल पर आने वाले लोग अनजाने में गलत खाना डालते हैं, जो इस हादसे की बड़ी वजह हो सकता है। कई लोग सेवा भाव से पक्षियों को खाना देते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने से नुकसान हो जाता है।
पक्षी प्रेमियों की जनता से खास अपील-इस घटना के बाद स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने लोगों से अपील की है कि पक्षियों को दाना जरूर दें, लेकिन केवल कच्चा अनाज जैसे ज्वार, बाजरा या गेहूं ही दें। पका हुआ, मसालेदार या बचा हुआ खाना पक्षियों के लिए जहरीला हो सकता है।



