भारत-पाक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ अलर्ट पर, सिमी कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

रायपुर। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। राजधानी रायपुर के एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। डीजीपी अरुण देव गौतम ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है और पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी अफसर बिना जरूरी सरकारी काम के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। भारत-पाक तनाव के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। रायपुर एयरपोर्ट के साथ-साथ रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और मध्य प्रदेश के राजा भोज एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट के बाहरी हिस्सों में आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। हर गाड़ी को ध्यान से चेक किया जा रहा है ताकि कोई चूक न हो। दरअसल, राजधानी रायपुर और आस-पास के इलाकों में करीब छह साल पहले स्टूडेंट्स ऑफ इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का मजबूत नेटवर्क मौजूद था। ऐसे में भारत-पाक तनाव के माहौल में सिमी से जुड़े कुछ पुराने नेटवर्क के फिर से सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहतीं।
2013 में 17 सिमी सदस्यों की गिरफ्तारी हुई थी
छत्तीसगढ़ एटीएस ने नवंबर 2013 में सिमी के इस नेटवर्क को ध्वस्त किया था। रायपुर में रह रहे सिमी के छत्तीसगढ़ प्रमुख उमेर सिद्दीकी, एक नाबालिग और स्लीपर सेल से जुड़े 17 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। वहीं भोपाल पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे गए सिमी आतंकी शेख मुजीब का रायपुर से पुराना संबंध रहा है। उसने रायपुर से देश के कई हिस्सों में हुए धमाकों के लिए विस्फोटक भेजे थे। यही नहीं, उसने फरार सिमी आतंकियों के लिए छिपने की व्यवस्था भी रायपुर में ही की थी। सिमी की गतिविधियां लंबे समय तक रायपुर और अन्य जिलों में फैली रहीं। इसके अलावा 12 अक्टूबर 2019 को भी सिमी से जुड़े अजहर को गिरफ्तार किया गया था। तीन साल पहले सिमी का एक और सदस्य श्रवण भी पकड़ा गया था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रही हैं और पूरे राज्य में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।



