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दक्षिण भारत ने IMFL बिक्री में मचाया धमाल, कर्नाटक ने 17% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान कायम रखा

दक्षिण भारत का IMFL बाजार: बिक्री में जलवा!- दक्षिण भारत, जो अपने शानदार इतिहास, संस्कृति और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए जाना जाता है, अब एक और क्षेत्र में भी अपनी धाक जमा रहा है: शराब की बिक्री। हाल ही में सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि इस क्षेत्र ने भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) की बिक्री में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आइए, इस दिलचस्प कहानी पर एक नज़र डालते हैं!

दक्षिण भारत का दबदबा: बिक्री के आंकड़े-दक्षिण भारत के पाँच राज्य—कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल—और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, 2025 वित्तीय वर्ष में IMFL की बिक्री में सबसे आगे रहे। इन राज्यों ने मिलकर 23.18 करोड़ केस बेचे, जो पूरे देश की बिक्री का 58% है!कर्नाटक: इस सूची में सबसे ऊपर, कर्नाटक ने 6.88 करोड़ केस बेचकर पहला स्थान हासिल किया, जो राष्ट्रीय स्तर पर 17% हिस्सेदारी के बराबर है। तमिलनाडु: दूसरे स्थान पर तमिलनाडु रहा, जिसने 6.47 करोड़ केस बेचे, जो लगभग 16% राष्ट्रीय हिस्सेदारी है। अन्य राज्य: दक्षिण भारत में बिक्री में कुल मिलाकर 1% की वृद्धि हुई, जो इस क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दर्शाती है। पुडुचेरी ने 0.28 करोड़ केस के साथ 10% की वृद्धि दर्ज की। CIABC के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण भारत IMFL बिक्री में लगभग पूरी तरह से हावी है, जबकि उत्तर भारत और पश्चिमी क्षेत्र क्रमशः 20% और 12% हिस्सेदारी रखते हैं।

देश भर में बिक्री का रुझान: क्या है खास?-पूरे भारत में IMFL की बिक्री में कुछ बदलाव देखने को मिले। FY25 में व्हिस्की की बिक्री में 1.4% की गिरावट आई, और कुल 40.17 करोड़ केस बेचे गए। CIABC के डायरेक्टर जनरल, अनंत एस. अय्यर के अनुसार, पिछले साल की पहली तिमाही में चुनाव और कुछ राज्यों में उत्पाद नीतियों से जुड़ी समस्याओं के कारण बिक्री थोड़ी धीमी रही। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य स्तरीय कर और नीतियों में बदलाव से बिक्री पर अस्थायी असर पड़ता है। IMFL में व्हिस्की, वोडका, रम, जिन और ब्रांडी जैसी शराब शामिल हैं।

अन्य क्षेत्रों में बिक्री का विश्लेषण: कौन आगे?-उत्तर भारत: इस क्षेत्र ने कुल IMFL बिक्री में 20% का योगदान दिया, जिसमें उत्तर प्रदेश 2.50 करोड़ केस के साथ सबसे आगे रहा।
पश्चिमी क्षेत्र: इस क्षेत्र ने कुल 12% बिक्री दर्ज की, जिसमें महाराष्ट्र 2.71 करोड़ केस के साथ शीर्ष पर रहा।
पूर्वी क्षेत्र: पूर्वी क्षेत्र ने कुल बिक्री का केवल 10% हिस्सा लिया, जिसमें पश्चिम बंगाल 1.49 करोड़ केस के साथ शीर्ष पर रहा।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में बिक्री में गिरावट देखी गई, जो क्रमशः 20% और 15% थी।

प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट: भविष्य की राह-CIABC के अय्यर ने बताया कि प्रीमियम और लक्जरी सेगमेंट में, खासकर व्हिस्की में, अच्छी वृद्धि देखी जा रही है। कंपनियां प्रीमियम व्हिस्की, रम और वोडका में लगातार नए प्रयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नए ब्रांड और इनोवेशन के साथ प्रीमियम वर्ग अच्छा प्रदर्शन करता रहेगा। हालांकि, उद्योग को उच्च कर, नई नीति, पुराने बकाया और राज्य स्तरीय भेदभाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह स्पष्ट है कि दक्षिण भारत IMFL बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है, और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और भी दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं!

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