SIM लिंकिंग नियम पर सख्ती: ऐप्स को 31 दिसंबर तक देना होगा अनुपालन रिपोर्ट

सरकार ने बढ़ाई कम्युनिकेशन ऐप्स के लिए नई डेडलाइन, जानिए क्या हैं नए नियम
सरकार ने बढ़ाई अनुपालन रिपोर्ट की अंतिम तारीख-टेलीकॉम मंत्रालय ने सभी कम्युनिकेशन सर्विस ऐप्स को SIM-बाइंडिंग नियमों के तहत अपनी अनुपालन रिपोर्ट 31 दिसंबर 2026 तक जमा करने का निर्देश दिया है। पहले यह तारीख 28 मार्च 2026 थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इसका मतलब है कि ऐप्स को अब नियमों का पालन करने के लिए थोड़ा और समय मिल गया है।
SIM-बाइंडिंग नियम क्या है?-इस नियम के तहत मैसेजिंग और कम्युनिकेशन ऐप्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी सेवाएं केवल उसी मोबाइल फोन पर चलें, जिसमें सक्रिय SIM कार्ड लगा हो। यानी बिना सक्रिय SIM के ऐप का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। इससे यूजर्स की पहचान और सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
वेब वर्जन ऐप्स पर भी कड़ी नजर-सरकार ने पहले WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स के वेब वर्जन को 6 घंटे बाद ऑटोमैटिक लॉगआउट करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब इस लॉगआउट के समय को फिक्स नहीं रखा गया है। इसके बजाय इसे रिस्क के आधार पर तय किया जाएगा, ताकि संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
रिस्क के आधार पर होगा वेब लॉगआउट-राज्यसभा में मंत्री ने बताया कि वेब सर्विस के लिए रिस्क-बेस्ड एनालिसिस लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि अगर किसी अकाउंट में असामान्य या संदिग्ध गतिविधि दिखेगी, तो उसे तुरंत लॉगआउट कर दिया जाएगा। इससे यूजर्स की सुरक्षा और भी ज्यादा पुख्ता होगी।
यूजर्स की सुरक्षा को लेकर सरकार का फोकस-सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद यूजर्स की सुरक्षा को बेहतर बनाना और फर्जी अकाउंट्स को रोकना है। SIM लिंकिंग से हर यूजर की असली पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड और दुरुपयोग को काफी हद तक रोका जा सकेगा। यह कदम डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
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